मैं आजकल सत्याग्रहाश्रम, वर्धा में रह रहा हूँ, जो मुख्य आश्रमकी एक शाखा ही है। मैं जनवरी में साबरमती लौटूँगा।
हृदयसे आपका,
- ए॰ मिरबेल
- १२६, रयू द दोआई,
- लिटिल नोर्द (फ्रांस)
अंग्रेजी (एस॰ एन॰ १५११२) की फोटो-नकलसे।
२१९. पत्र : जॉन हेन्स होम्सको
सत्याग्रहाश्रम, साबरमती[१]
७ दिसम्बर, १९२८
आपका पत्र मिला और मैकमिलन कम्पनीके पत्रकी एक प्रति भी। मुझे कहना पड़ता है कि उनके पत्रकी ध्वनि मुझे अच्छी नहीं लगी। मैं समझता हूँ कि कम्पनीके लोग इस कामको भी व्यावसायिक दृष्टिके अलावा अन्य किसी दृष्टिसे देख ही नहीं सकते, जब कि मेरा ख्याल है मैं आपको बतला चुका हूँ कि मैंने अपनी कृतियोंके सम्बन्धमें कभी कोई व्यावसायिक सौदा नहीं किया। और यह सौदा भी मैंने रुपये पैसेके लाभकी दृष्टिसे नहीं किया था।
श्री एन्ड्रयूज आपसे सीधा पत्र-व्यवहार कर ही रहे हैं। आप दोनों जैसा भी उचित समझें, मैकमिलन कम्पनीसे तय कर लें।
मकमिलन कम्पनीका यह खयाल गलत है कि आत्मकथा सम्बन्धी लेख उनको संक्षिप्त करके, काट-छाँट करके ही दिये जायेंगे। अध्याय जहाँ पूरा होगा, उसी रूपमें उनके पास भेज दिया जायेगा। इसलिए कि मेरे पास इतना समय नहीं कि उनको संवारने बैठूँ, और समय अगर निकाल भी लूँ तो पश्चिमके पाठकोंके लिए उनको कैसे तैयार करूँ--मैं यह जानता ही नहीं हूँ।
आपके पत्रकी एक प्रति मैं श्री एन्ड्रयूजके पास भेज रहा हूँ।
हृदयसे आपका,
- रेवरेंड जॉन हेन्स होम्स
- १२ पार्क एवेन्यू
- न्यू यार्क सिटी
अंग्रेजी (एस॰ एन॰ १५१२२) की फोटो-नकलसे।
- ↑ स्थायी पता।