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२४४. पत्र : घनश्यामदास बिड़लाको
वर्धा
मंगलवार [११ दिसम्बर, १९२८][१]
भाई घनश्यामदासजी,
आपका पत्र राजगोपालाचारीके बारेमें मीला है। सूचना मुझको प्रिय है। राजाजीका शरीर इस कामको पहोंच सकेगा या नहि यह कहना मुश्केल है। मैं लिखता तो हुं।
अब स्वास्थ्य कैसा है?
आपका
मोहनदास
श्रीयुत घनश्यामदास बिड़ला
८ रॉयल एक्स्चेंज प्लेस
- सी॰ डब्ल्य॰ ६१६३ से।
- सौजन्य: घनश्यामदास बिड़ला
२४५. तार : डॉ॰ विधानचन्द्र रायको
वर्धा
१२ दिसम्बर, १९२८
डॉ॰ विधान राय
३६ वेलिंग्टन स्ट्रीट
३६ वेलिंग्टन स्ट्रीट
लगभग पच्चीस लोग होंगे। खेमों में आसानीसे ठहर सकते हैं, पर कृपया जीवनलालकी मेजबानी मुझे स्वीकार कर लेने दें।
गांधी
अंग्रेजी (एस॰ एन॰ २४५६) से।
- ↑ सम्भवतः यह घनश्यामदास बिड़लाके ८ सितम्बर को लिखे पत्रके उत्तर में लिखा गया था। उन्होंने गांधीजीको लिखा था कि वे च॰ राजगोपालाचारीसे भारतीय मद्यनिषेध समितिके अवैतनिक महामन्त्रीका पद सँभालनेका अनुरोध करें।