और वैसी हालतमें डॉ॰ मॉटसे आश्रममें भेंट करके बहुत प्रसन्नता होगी। परन्तु ऐसी भी सम्भावना है कि मुझे कांग्रेस अधिवेशनके बाद वर्धा जाना पड़े। तब तो मेरा सारा कार्यक्रम ही बदल जायेगा।
कार्यक्रमकी तिथियाँ इस समयतक तो इस प्रकार निश्चित की गई हैं--२० तारीखतक वर्धा, २३ तारीखसे सालके आखिर तक कलकत्तामें। कलकत्तामें मेरा पता यह रहेगा--मारफत: श्रीयुत जीवनलाल भाई, ४४ इजरा स्ट्रीट, कलकत्ता।
हृदयसे आपका,
- रेवरेंड ई॰ सी॰ डेविक
- मद्रास
अंग्रेजी (एस॰ एन॰ १३७८५) की फोटो-नकलसे।
२५०. पत्र : रॉलैंड जे॰ वाइल्डको
सत्याग्रहाश्रम, वर्धा
१२ दिसम्बर, १९२८
आपके पत्रके लिए धन्यवाद। मैं आपको पूरे विस्तारके साथ उत्तर लिखनेकी सोच रहा था। पर मुझे वे लेख नहीं मिले जो आपने भेजे थे। वे यहाँ वर्धामें मेरे पास नहीं हैं और अभी-अभी मुझे पता चला है कि आपकी भेजी हुई कतरनें आस्ट्रियायी मित्रोंको दी गई थीं और वे लोग भारतसे जा चुके हैं। यदि आप एक बार फिर मेरे पास वे कतरनें भेजनेकी कृपा कर सकें तो मैं निश्चय ही आपको बतला दूँगा कि मेरी अपनी रायमें आपने मेरे विचारोंको कहाँ कहाँ गलत ढंगसे पेश किया है; इसमें शक नहीं कि आपका वैसा मंशा नहीं था।
यदि आप वे कतरनें साबरमती न भेजकर वर्धाके मेरे मौजूदा पतेपर भेज दें तो मेरे पास वे कहीं जल्दी पहुँच जायेंगी। मैं २० तारीखतक वर्धा में ही बादमें कलकत्ता चला जाऊँगा। वहाँ मेरा पता यह रहेगा:
मारफत--श्रीयुत जीवनलालभाई, ४४, इजरा स्ट्रीट, कलकत्ता।
हृदयसे आपका,
- श्री रॉलैंड जे॰ वाइल्ड
- 'सिविल ऐंड मिलिटरी गजट', लाहौर
अंग्रेजी (एस॰ एन॰ १३७८६) की माइक्रोफिल्मसे।