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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 38.pdf/४०४

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सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय

कमी पूरी कर ली है। जी हाँ, ऐसा लगता है कि बादाम, रोटी और सब्जियाँ यह काम अच्छी तरह कर देती हैं। बादामोंका परिमाण पिछले दो दिनोंसे ६ औंस, और बिना सिकी रोटीका १४ तोले है । मेरा स्वास्थ्य अच्छा है ।

संलग्न :

श्रीयुत च० राजगोपालाचारी

गांधी आश्रम

तिरुचेन्गोडु

अंग्रेजी (एस० एन० १५२७३ ) की फोटो - नकलसे ।

४०३. पत्र : सतीशचन्द्र दासगुप्तको

१३ जनवरी, १९२९
 

प्रिय सतीश बाबू,

क्या तुम तिरंगा राष्ट्रीय झंडा, जिसके अन्दर चरखा हो, तैयार कर सकते हो ?

सवाल यह है कि एक ही कपड़ेपर तीन रंग सुन्दरतासे कैसे लाये जायें। यदि तुम उसे तैयार कर सको तो मुझे उसका मूल्य भी बताओ । नया खादी भण्डार' कैसा चल रहा है, इसकी सूचना मुझे देते रहना ।

सोचता हूँ कि यदि मैं तुमको अधिक समय दे सकता तो अच्छा रहता । हेमप्रभादेवीको अपनी शक्तिसे अधिक काम नहीं करना चाहिए। वहाँ भोजनपर प्रति- व्यक्ति क्या खर्च आता है और उसका हिसाब कैसे जमाया गया है ?

सप्रेम,

बापू
 

श्रीयुत सतीशचन्द्र दासगुप्त

खादी प्रतिष्ठान

सोदपुर

कलकत्ता

अंग्रेजी (जी० एन० १६०१ ) की फोटो - नकलसे ।

१. कलकत्ते में १-१-१९२९ को गांधीजी द्वारा उद्घाटित; देखिए “टिप्पणियाँ ", १०-१-१९२९ का उपशीर्षक " कलकत्तेका खादी भण्डार "।