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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 38.pdf/४१६

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सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय

उन्हें अपनी आमदनीका दसवाँ हिस्सा देना चाहिए । और उतना नहीं तो चाहे वे बीसवाँ अंश ही दें। किन्तु आमदनीका एक निश्चित भाग जरूर देना चाहिए। उसी प्रकार अपने समयका एक निश्चित भाग भी सेवामें लगाना चाहिए। स्नातकों द्वारा चलाई जा रही नवावाडजकी अन्त्यजशालाका समारोह भी इसी समय हुआ । और उसमें यह बताया गया कि इस शालाके द्वारा नवावाडजमें मद्यपान निषेधका और दूसरा समाज सुधारका काम भी चलाया जा रहा है । इस प्रकार हम देख सकते हैं कि विद्यापीठ एक जीवन्त संस्था है । और उसको जीवन्त रखना शिक्षकों और विद्यार्थियोंकी दृढ़ता, पवित्रता और त्यागशक्तिपर निर्भर है। विद्यापीठकी शोभा संख्याबलसे नहीं होगी, पर पवित्रताके बलपर ही होगी । उसका कार्य भी इसी बलसे सिद्ध होगा । "

लालाजी स्मारक और सिन्ध

जब मैं कलकत्ते में था तब श्री जयरामदास और दूसरे सिन्धी मित्रोंने लालाजी स्मारक के चन्देके लिए सिन्ध जानेका मुझसे आग्रह किया था । मैं इस लोभका संवरण नहीं कर सका । यद्यपि खादीके लिए ही दौरा करनेका व्रत मैंने ले रखा है फिर भी मैं इस चन्देके लिए कई स्थानोंमें नहीं जा सका हूँ। इतना होते हुए भी मैं सिन्धके इस उदार निमन्त्रणको नामंजूर करना नहीं चाहता । लालाजी स्मारकका चन्दा धीरे-धीरे इकट्ठा हो रहा है; उसमें वह गति नहीं है जो होनी चाहिए थी । अगर पाँच लाख रुपये उचित समयके भीतर ही जमा न हो गये तो यह एक शर्मकी बात होगी । अब जब कि दाताओंको चन्देका उद्देश्य मालूम हो गया है और किन-किन मदोंमें वह खर्च किया जायेगा, इस बातका पता चल गया है तब उन्हें देर करनेका कोई कारण नहीं है । अतः मैं आशा करता हूँ कि सिन्ध इस चन्देमें काफी उदारतासे हाथ बँटायेगा, और दूसरे प्रान्तोंके लिए उदाहरण-रूप बनेगा ।

मगर सिन्ध खादीको भी न भूले। मैं जानता हूँ, मेरी सिन्ध-यात्रा कई दिनोंसे मुल्तवी होती आ रही है। खादी-प्रेमी मुझे उस समयसे वहाँ आनेके लिए निमन्त्रण देते रहे हैं जब मैं यरवदा जेलसे छूटकर आया था। उनके निमन्त्रणका उद्देश्य था सिन्धमें खादीका प्रचार करना और उसके लिए चन्दा इकट्ठा करना । अब वे दरिद्रनारायणकी भेंटके लिए तैयार हो जायें। मैं आशा करता हूँ कि रेशमी साड़ियोंसे आभूषित सिन्धी महिलाएँ अपनी गरीब बहिनोंका भी ख्याल रखेंगी और 'देती-लेती' कुप्रथाके सम्बन्धमें अबतक उन्होंने क्या-क्या किया है इसका हिसाब मुझे बतायेंगी । बहुत-सी बहनोंने इस दुष्ट प्रथाको खुद समूल नष्ट कर डालनेके लिए प्रयत्न करनेका वचन दिया था । मुझे आशा है, वे अपनी प्रतिज्ञाका अच्छी तरह पालन कर दिखायेंगी ।

[ अंग्रेजीसे ]

यंग इंडिया, १७-१-१९२९

१. शीर्षकका यहाँ तकका अंश अंग्रेजीसे न लेकर नवजीवन, २०-१-१९२९ से अनुवादित है।