४२३. पत्र : मन्त्री, अखिल भारतीय चरखा संघको
सत्याग्रह आश्रम
साबरमती
१७ जनवरी १९२९
प्रिय महोदय,
अखिल भारतीय चरखा संघके संविधानके सिलसिलेमें जो विषय मेरे पास सम्मतिके लिए भेजे गये हैं, उनके सम्बन्धमें मेरी सम्मति यह है कि परिषद (कौंसिल) के सदस्योंके चुनाव के लिए ऐसा कोई भी व्यक्ति मतदाता होनेका अधिकारी नहीं है जो मतदाता सूची तैयार होते समय पूरे दो सालसे 'क' श्रेणीका प्रामाणिक सदस्य न हो, और दूसरी बात यह कि ऐसा कोई भी व्यक्ति चुनावके लिए उम्मीदवार नामजद नहीं किया जा सकता जिसने उस नामजदगीके दिन तक 'क' श्रेणीकी सदस्ययाका पूरा शुल्क न दिया हो ।
आपका विश्वस्त,
अंग्रेजी (एस० एन० १५२९३) की माइक्रोफिल्मसे । प्रिय मलकानी,
४२४. पत्र : नारायणदास र० मलकानीको
सत्याग्रह आश्रम
साबरमती
१७ जनवरी, १९२९
प्रिय मलकानी,
तुम्हारा पत्र मिला । अपनी बेटीके बारेमें तुम्हारा तार भी मिल गया था । एक साड़ीका महत्त्व मुझे पूरी तरह समझमें नहीं आया । इसलिए मैंने तुम्हें कुछ नहीं भेजा । मैंने वह तार कृपलानी या चोइथरामको भी, जो भी मेरे पास थे, पढ़कर सुनाया था और वे भी उसे समझ नहीं सके और यह यकीन नहीं कर सके कि तुम केवल एक साड़ीसे काम चला सकते हो। अब देखता हूँ कि तुम नहीं चला पाये । ७०० रुपएका खर्चा तुमने अपने ऊपर क्यों लिया था ? बात अब बीत चुकी है, फिर मी में जानना चाहूँगा ।