आ गया है । जो देश भारतके समान किसी विदेशी राज्यके जुएके नीचे कराह रहा हो, राष्ट्रीय स्वाधीनता आन्दोलनोंमें उसके विद्यार्थियोंको भाग लेनेसे रोकना असम्भव है । इस सम्बन्धमें तो केवल यही किया जा सकता है कि विद्यार्थियोंके उत्साहको नियमित कर दिया जाये जिससे उनकी पढ़ाईमें कोई रुकावट पैदा न हो, वे लड़नेवाले दो दलों में से किसी एकका पक्ष लेकर उसकी तरफसे लड़ाईमें शामिल न हों। लेकिन उन्हें यह अधिकार तो है कि वे राजनीतिक रूपसे अपनी कोई राय रखें और सक्रिय रूपसे उसका प्रचार करें। शिक्षा-संस्थाओंका काम तो उनमें भर्ती विद्यार्थियोंको शिक्षा देना और उस शिक्षा द्वारा उनके चरित्रका निर्माण करना ही है । पाठशालासे बाहर विद्यार्थी राजनीतिक या नैतिकतासे असम्बद्ध दूसरे जो भी काम करते हैं, उनमें ऐसी शिक्षा-संस्थाएँ कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं।
इसलिए अहमदाबादके विद्यार्थियों की हड़तालके कारण जो सवाल उठ खड़ा हुआ है वह महत्वकी दृष्टिसे पहले दर्जेका है और वे विद्यार्थी देशकी दूसरी शिक्षा- संस्थाओं तथा सर्वसामान्य जनताकी सहायता और सहानुभूतिके पात्र हैं । पाठशाला में जानेवाले छात्र-छात्राओंका इस हड़तालसे जितना सम्बन्ध है उतना ही उनके माता-पिताका भी है । इसलिए मैं समझता समझता हूँ कि अहमदाबाद के विद्यार्थियोंने शुरूसे अबतक का सारा काम अपने माता-पिता या अभिभावकों की रजामन्दीसे ही किया है।
४५७. टिप्पणी
विदेशी वस्त्र और खादी
कांग्रेसकी कार्यकारिणी समितिने खादीके जरिये विदेशी वस्त्रोंके बहिष्कारके सम्बन्ध में एक प्रस्ताव पास किया है । इस प्रस्तावमें मुझसे कहा गया है कि मैं एक ऐसी योजना तैयार करूँ, जिसके द्वारा विदेशी वस्त्रोंके बहिष्कारका कांग्रेसका कार्यक्रम अमल में लाया जा सके। इस सम्बन्धमें जो योजना ? मैंने कांग्रेस मन्त्रीके पास भेजी थी वह इसी अंकमें अन्यत्र दी गई है। मैं पाठकोंसे सिफारिश करता हूँ कि वे उसे ध्यानपूर्वक पढ़ जायें। मैं तो यह भी चाहता हूँ कि पाठक उक्त योजनामें सुधारके सम्बन्धमें अपने सुझाव भी भेजें । मेरी सम्मतिमें अगर कांग्रेसवाले लगनके साथ अपनी शक्ति इस ओर लगा दें तो विदेशी वस्त्रोंका बहिष्कार सहज ही सफल हो सकता है । इस कार्यके लिए उनमें खादीके प्रति जीवन्त निष्ठा बिलकुल ही जरूरी बात | अगर खादीपर कांग्रेसवालोंका विश्वास जमानेके लिए अब भी प्रयत्न करनेकी जरूरत हो, तो यह योजना कभी अमल में नहीं लाई जा सकती। जहाँतक मुझसे बन सका, मैंने तो कांग्रेसके प्रतिनिधियोंको वहीं सावधान कर दिया था कि अगर
१. देखिए अगला शीर्षक ।