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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 38.pdf/५०८

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४७४ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय ३१ दिसम्बर : कांग्रेसके खुले अधिवेशनमें नेहरू रिपोर्टपर प्रस्ताव प्रस्तुत किया । १९२९ १ जनवरी: कलकत्तेमें खादी भण्डारका उद्घाटन किया । 9293 कांग्रेसके खुले अधिवेशन में रचनात्मक कार्योंसे सम्बन्धित प्रस्ताव प्रस्तुत किया । कांग्रेसका वार्षिक अधिवेशन समाप्त हुआ । सर्वदलीय अधिवेशनमें साम्प्रदायिक समस्याओंपर समझौतेके बारेमें एक प्रस्ताव रखा । सर्वदलीय अधिवेशन अनिश्चित कालके लिए स्थगित कर दिया गया । २ जनवरी : 'इंग्लिशमैन' और 'डेली टेलीग्राफ' के प्रतिनिधियोंसे भेंट की। नेहरू रिपोर्ट सम्बन्धी कांग्रेस प्रस्तावपर अपने विचारोंको स्पष्ट किया । चितरंजन सेवा सदनमें नये खण्डका उद्घाटन किया । सोदपुरके खादी प्रतिष्ठानको देखने गये । विश्वकोष भवन गये और नागेन्द्रनाथ बसुसे भेंट की । ३ जनवरी: दिल्लीके रास्ते अहमदाबाद जानेके लिए रातको कलकत्तासे रवाना हुए। अहमदाबादके गुजरात कालेजमें छात्रोंकी हड़ताल आरम्भ हुई । ४ जनवरी : गांधीजी थोड़े समयके लिए दिल्ली रुके और डा० जाकिर हुसैनसे भेंट की । ५ जनवरी : रात्रिको अहमदाबाद पहुँचे । ९ जनवरी: गुजरात जिनिंग मिलके झगड़ेसे सम्बन्धित पंच-मण्डलकी बैठकमें भाग लिया । १० जनवरी: युवक सप्ताह समारोहमें भाषण दिया । ११ जनवरी: गुजरात विद्यापीठके सातवें दीक्षान्त समारोहकी अध्यक्षता की; जी० भ० कृपलानीको खादीकी थैली भेंट करनेके लिए आयोजित समारोहमें भाषण दिया । १२ जनवरी : विद्यापीठके स्नातकोंके तीसरे सम्मेलनको सन्देश भेजा । १४ जनवरी : पंच-मण्डलकी बैठकमें भाग लिया । १७ जनवरी : 'तब और अब ' शीर्षकसे 'यंग इंडिया' में लिखे लेखमें कांग्रेसके वर्तमान और १९२०-२१ के कार्यक्रमोंकी तुलना की । १९ जनवरी: 'नवजीवन' के लिए लिखा गांधीजीका लेख 'प्रान जाहिं बरं वचनु न जाई' गुजरात कालेजके विद्यार्थियोंकी बैठकमें पढ़ा गया । २४ जनवरी : “ सविनय अवज्ञाका कर्त्तव्य" और "खादीके जरिए विदेशी वस्त्रके बहिष्कारकी योजना" सम्बन्धी दो लेख 'यंग इंडिया' में प्रकाशित हुए । ३० जनवरी: गुजरात कालेजके विद्यार्थियोंके समक्ष भाषण दिया । ३१ जनवरी : 'यंग इंडिया' में अपने लेख " क्षमा प्रार्थना" द्वारा अपनी यूरोप यात्रा रद करनेकी घोषणा की। १ फरवरी: अगले वर्ष अहिंसा और असहयोग आन्दोलन चलानेके लिए कांग्रेसका पुनर्गठन करनेके हेतु जवाहरलाल नेहरूको लिखा । २ फरवरी : सिन्धके दौरेके लिए रवाना हुए। ३ फरवरी : दोपहर बाद कराची पहुँचे । नगरपालिका द्वारा दिये मानपत्रके उत्तर में आम सभामें भाषण दिया । 4. ચાહ