सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 39.pdf/४३४

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ जाँच लिया गया है।
४०२
सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय

पुनः प्राप्त करने में सफल हुआ, तो विश्व शान्तिके क्षेत्रमें उसका यही सबसे बड़ा योगदान होगा। इसलिए अच्छा यही होगा कि यूरोपीय युद्ध-विरोधी लोग यूरोप में ऐसा लोकमत तैयार करें जो ब्रिटेनको अपने कदम पीछे हटानेको और भारतका लगातार शोषण करनेसे रोकनेको मजबूर कर दे ।

[ अंग्रेजीसे ]
यंग इंडिया, ७-२-१९२९
 

२१. एक और श्रद्धांजलि

पिछले हफ्ते मैंने राइट आनरेबुल श्रीनिवास शास्त्रीको प्रो० बेल द्वारा अर्पित की गई श्रद्धांजलि प्रकाशित की थी।[] अब चूंकि हमारे इन महान् और नेक देश- वासीका स्वदेश लौटना निकट ही है इसलिए मैं उनको लिखा गया एक लगभग सार्वजनिक पत्र पाठकोंके सामने रखता हूँ। []हालाँकि यह पत्र प्रशंसासे भरा हुआ है, लेकिन इसमें एक भी शब्द ऐसा नहीं, जिसके वे पात्र न हों। यह इस बातका प्रमाण है कि श्रीयुत शास्त्रीने किस प्रकार बहुत-से दक्षिण आफ्रिकियोंके दिलमें जगह बना ली है। सरकारी रियायतोंके मुकाबिले यह चुपचाप किया गया हृदय परिवर्तनका काम दक्षिण आफ्रिकामें बसे हमारे देशभाइयोंके लिए कहीं ज्यादा सहायताप्रद सिद्ध होगा । हृदय परिवर्तन इन रियायतोंको भी सम्भव बना देता है ।

[ अंग्रेजीसे ]
यंग इंडिया, ७-२-१९२९
 

२२. दण्ड संहिताका आतंक

एक वकील मित्र लिखते हैं:

मैंने ३-१-१९२९ का 'यंग इंडिया' (पृष्ठ ८) पढ़ा। आप लिखते हैं,"यदि इस नवयुवकमें हिम्मत हो तो इसे यह विवाह अवश्य नामंजूर कर देना चाहिए। यदि न समझे तो लड़कों और लड़कियोंको नम्रतापूर्वक विरोध

करके धर्मका पालन करना चाहिए।[]

हिन्दू विवाहके एक बार हो जाने पर उसके बन्धनको तोड़ा नहीं जा सकता। लड़का अपनी पत्नीको छोड़ सकता है और बड़ा होने पर बादमें जब उसकी इच्छा हो तब दूसरी स्त्रीसे विवाह सकता है। लड़की पुनववाह नहीं

  1. १. देखिए खण्ड ३८, पृष्ठ ४४६ ।
  2. २. यह पत्र यहाँ नहीं दिया जा रहा है।
  3. ३. देखिए खण्ड ३७, पृष्ठ १९५ ।