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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 4.pdf/५७४

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सम्पूर्ण गांधी वाङ‍्मय
भारतीय बस्तीकी स्थिति के बारेमें अधिकारी ही दोषी, २४०; के मत में मोतीझरा प्लेगसे कहीं अधिक संक्रामक और घातक, २२३; द्वारा प्लेगको रोकनेके लिए साधारण पावन्दियाँ लगानेका सुझाव, १७९
टाइम्स, (लंदन) २९१, २९६, ४९१;-एशियाई-विरोधी
सम्मेलनकी कार्रवाईपर, ३२६
टाइम्स आफ इंडिया, ४२७, ४७२
टाउन क्लार्क, ३५, ८३, १३७, १५९, १८१, १९१, १९७, २२९, ३०३, ४४६, ५०३; द्वारा जोहानिसवर्ग के प्लेगमें आर्थिक दायित्व उठाने से इनकार, १६३; -द्वारा प्लेगके बीमारोंके लिए एक अस्थायी अस्पताल तथा एक नर्सकी उपलब्धि, ३०९
टाउन हॉल, ४७२
टाटा मैंशन (बम्बई), ७१
टॉमलिन्सन, १७४
टॉल्स्टॉय, ३४६
टारवट, ६६
टीनसिन, २६०, २७२
डगेला, १६१
टेनिसन, लॉर्ड, के दो शब्द, २३२
टेलर, डैन, द्वारा भारतीयोंके बजाय चीनियोंको नेटालमें लाने पर जोर, २१६
टैम्बूलैंड, २८२ ट्यूटॉनिक, ३६१
ट्राफालगर, ४९८
ट्रान्सकाई, २८२, ३५१
टान्सकास्पिया, ६३
ट्रान्सकीअन, २८६
ट्रन्सवाल, २, ३, ६, ७, ९, १०, १७, १८, २३- २४, २९, ३२, ३४, ४३-४४, ४६, ५१-५२, ५५, ५८-५९, ६४-६५, ६८-७०, ७३, ७६, ७८-७९, ८१-८९, ९१, ९३-९४, ९६-२००, १०२-५, १०७-१०, ११३, ११६, १२०-२१, १४३, १२३-२४, १२६, १२९-३०, १३३, १३६, १४६, १५०, १५३-५५, १५७, १६५-६८, १७३ -७४, १७९-८०, १८२-८३, १८५, १८७, १९३-९६, १९८, २००-४, २०८, २११-१३, पा॰ टि॰, ४७०, ४७५, ४८२-८३, ४९६-९७, २२० पा॰ टि॰, २२१, २२३, २२५, २२८, २३१-३२, २३७-३८, २४०, २४२, २४४, २४६, २४८, २५०-५१, २५३, २५७-६०, २६२-६३, २६६, २६८-७६, २७८-८०, २८४, २८८, २९२, २९५-९७, ३०२, ३०५, ३१० पा॰ टि॰, ३१४ -१५, ३१८, ३२२-२३ पा॰ टि॰, ३२४, ३२७, ३२९, ३३५-३६, ३४०, ३४२, ३४४, ३४८,

३५३-५४, ३५७, ३७६, ३७८-७९, ३८३, ३९२ -९३, ३९८, ४०७, ४१२, ४२९-३१, ४४०-४१, ४४३, ४४६, ४४९, ४५१-५२, ४५७, ४६५ पा॰ टि॰, ४७०, ४७५, ४८२-८३, ४९६-९७, ५०५-६, ५१३, ५१५; का भारतीय प्रश्न, ३७ -३९; का संविधान, ४५१; के ब्रिटिश भारतीयोंकी स्थिति अत्यन्त दयनीय, २४२; -के ब्रिटिश भारतीयों द्वारा लॉर्ड रॉबर्ट्सको मानपत्र, ३१६-१७ -में प्रवेश करनेवाले भारतीयोंपर परवाने-सम्बन्धी प्रतिबन्ध दिनपर-दिन कठोर, २८०; -में लॉर्ड मिल्नरकी बाजार सूचनाकी उपज, ३५१ ट्रान्सवाल क्रिटिक, ३५२ पा॰ टि॰ टान्सवाल गवर्नमेंट गजट की धारा ३, २४२ ट्रान्सवाल लीडर १४, ३४, ५५, ७७ पा॰ टि॰, २८५;-पोंचेफस्ट्रमकी भारतीय दूकानमें लगी आगके कारणोंपर २९१; -ब्रॉडिकको भारत-मन्त्री नियुक्त करने पर १५; द्वारा तिब्बतकी झड़पका हूबहू वर्णन, २३२ ट्रान्सवाल मजदूर आयोग, १०७
ट्रान्सवाल श्वेत संघके उद्देश्य, २९०
ट्रान्सवाल सरकार, ६, ३२, १०९, १२४-२५, १३६, १५८, १८३, १९४, २०४, २४२, २३३, २८२, २९२, २९५, ३४०, ४०७-भारतीयोंकी शिकायतों को दूर करनेके लिए तैयार नहीं, ५५ -का उपनिवेश-सचिव के प्रस्तावके प्रति रुख, ९८१ के मतमें 'निवास' शब्दमें रिहाइशके साथ-साथ व्यापार करना भी शामिल, १३०; -द्वारा नेटाल और केपके कानून भी मात, १९; द्वारा भारतीय प्रारम्भिक न्यायसे भी वंचित, ११०,-द्वारा रंगदार लोग नगर पालिकाओं के मताधिकारसे वंचित, ४०
ट्रान्स सैबेरियन रेलवे, ५१० टाम-वे-समिति, ५०३
ट्रायविले, ४९३
ट्रिनिडाड, २२८

ठाकुर, देवेन्द्रनाथ, ४३७

डंकन, पैट्रिक, ९७, पा॰ टि॰, १००, ११०, ११६,

की उपनिवेश- की दृष्टिमें ट्रान्सवाल करनेमें भी असमर्थ, २४०, २४७-४८, २७५, २७७ सचिव के पदपर नियुक्ति, ७३; सरकार शुद्ध प्रारम्भिक न्याय

१९६; द्वारा बाजार सूचना ३५६ में संशोधनका प्रस्ताव, ८९
डंडी, २१-२२ डक्सवर्ग, १९४
डच, १०७, १२४, २६९, ३६१ पा॰ टि॰, ४८३