मत कीजिए और अबसे पक्का इरादा कर लीजिए कि आप जरूर पवित्र बनेंगे और ईश्वर आपकी अवश्य सुनेगा। लेकिन ईश्वर न तो घमण्डी लोगोंकी प्रार्थना सुनता है और न उनकी जो उसके साथ सौदेबाजी करते हैं। क्या आपने गजेन्द्र मोक्षकी कहानी सुन रखी है? यहाँ मौजूद बर्मी विद्यार्थियोंमें से जो विद्यार्थी संसारकी एक महानतम कविताको, संसारकी पूज्यतम वस्तुको न जानते हों, उनसे मेरा कहना है कि वे अपने हिन्दुस्तानी मित्रोंसे उसे सीख लें। एक तमिल कहावत मेरे दिमाग में हमेशा छाई रहती है, जिसका तात्पर्य है, लाचारका सहारा ईश्वर है। यदि आपको उससे सहायता मांगनी है तो आप अपने सच्चे रूप में बिना किसी शर्तके उसके पास जाइए, और अपने मनमें ऐसा कोई भय और सन्देह भी मत रखिए कि आप जैसे पतित व्यक्तिकी वह कैसे मदद कर सकता है। जिसने अपनी शरण आनेवाले करोड़ों लोगोंकी मदद की है, वह ईश्वर भला क्या आपको छोड़ देगा? वह किसी प्रकारका पक्षपात नहीं करता और आप देखेंगे कि वह आपकी हरेक प्रार्थनाको सुनेगा। यहाँतक कि दूषितसे-दूषित व्यक्तिको प्रार्थनाका भी जवाब मिलेगा। यह सब मैं आपको अपने व्यक्तिगत अनुभवके आधारपर बता रहा हूँ, मैं शुद्धिकी प्रक्रियामें से गुजर चुका हूँ। पहले प्रभुकी कृपा प्राप्त करिए; उसके बाद हर वस्तु आपको प्राप्त हो जायेगी। अशुद्ध हृदय लेकर अपनी पुस्तकों या अपने शिक्षकोंके पास मत जाइए। शुद्ध हृदय लेकर उनके पास जाइए, तभी आपको जो कुछ आप चाहते हैं वह प्राप्त होगा। यदि आप चाहते हैं कि आप देशभक्त बनें, सच्चे देशभक्त बनें, निर्बलोंके संरक्षक, उन गरीबों और पीड़ितोंके हितचिन्तक बनें जिन्हें आपको मिलनेवाली शिक्षा नसीब नहीं है, और यदि आप बर्माकी हरेक लड़की और स्त्रीकी पवित्रताके संरक्षक बनना चाहते हैं, तो पहले आप अपने हृदय निर्मल बनाइए। यदि आप इस भावनासे अपने जीवनके ध्येयमें लगेंगे तो सब कुछ ठीक हो जायेगा।
- [अंग्रेजीसे]
- यंग इंडिया, ४-४-१९२९
१०७. भाषण : श्वे डॉगोन पैगोडा, रंगूनमें
१० मार्च, १९२९
दिनभरकी व्यस्तताने थका डाला है। इसीलिए मैं विस्तारसे कोई भाषण नहीं करूँगा। आप लोग मेरी विवशताको समझ जायेंगे जब मैं आपको बतलाऊँगा कि मेरे शरीरमें इतनी शक्ति नहीं रह गई है कि मैं आपके समक्ष ऊँचे स्वरमें कोई लम्बा भाषण कर सकूँ।[१]
- ↑ यह अनुच्छेद १२-३-१९२९ के अमृतबाजार पत्रिकामें प्रकाशित एक विवरणसे लिया गया है। इसके बादका अंश महादेव देसाई और प्यारेलाल द्वारा प्रस्तुत गांधीजीकी वर्मा यात्राके विवरणसे लिया गया है।