यह पृष्ठ जाँच लिया गया है।
२०४. तार: माधवजी वी० ठक्करको
बैजवाड़ा
[१० अप्रैल, १९२९][१]
इम्पॉर्टेन्स
कलकत्ता
बकरीके दूधमें पानी मिलाकर ले सकते हो। हर बार चार औंस लेना लेकिन तीन बारसे ज्यादा नहीं। अगर अंगूर और फलको भली प्रकार पचा सकनेका पूरा निश्चय न हो तो रविवार तक उससे परहेज करो।
अंग्रेजी (जी० एन० ६७७१) की फोटो - नकलसे ।
गांधी
२०५. पत्र: मीराबहनको
१० अप्रैल, १९२९
चि० मीरा,
तुम्हारा पत्र मिला। चूंकि कोई तार नहीं आया है, इसलिए मैं मान लेता हूँ कि [बुखारका] थोड़ा-सा बढ़ जाना क्षणिक ही था। अधिक परिश्रम न करना। मेरी तबीयत अभीतक अच्छी है।
सप्रेम,
बापू
अंग्रेजी (जी० एन० ९४१८)से; तथा सी० डब्ल्यू० ५३६२ से भो।
सौजन्य: मीराबहन
सौजन्य: मीराबहन
- ↑ डाककी मुहरसे।