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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 40.pdf/२६६

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२३६ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय लेना । क्या बर्माका रुपया भाई शंकरलालको भेजा है । अपने स्वास्थ्यका ख्याल रखते होगे । दूध-घी की जितनी जरूरत हो उतना गुजराती (जी० एन० ५४००) की फोटो - नकलसे । चि० राधिका, २०७. पत्र : राधाबहन गांधीको बापूके आशीर्वाद १० अप्रैल, १९२९ मैं तुम्हारे स्वास्थ्य की चिन्ता निरन्तर किया करता हूँ । तुम्हें अपने शरीरका अच्छी तरह निरीक्षण करके उसे स्वस्थ बनाना चाहिए। अपनी शक्तिसे बढ़कर काम तो कभी न करना । तुम्हारा मन शान्त होगा। क्या केशुका पत्र नियमपूर्वक आता है ? पत्र लिखने में वह बहुत आलसी माना जाता है । गुजराती (सी० डब्ल्यू० ८६७५) से । सौजन्य : राधाबन चौधरी बापूके आशीर्वाद २०८. भाषण: बैजवाड़ाकी सार्वजनिक सभामें भाइयो और बहनो, १० अप्रैल, १९२९ मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप शान्त रहें। मैं आप सबको तथा उनको जिन्होंने मुझे अभिनन्दनपत्र भेंट किये हैं धन्यवाद देता हूँ। सभी अभिनन्दनपत्र मातृ- भाषा में ही लिखे हैं । इसके लिए भी मैं आपको बधाई देता हूँ, क्योंकि यह भाषा भी भारतकी राष्ट्रभाषा हिन्दीकी तरह ही है । आपने अभिनन्दनपत्रोंको पढ़कर सुनाये बिना ही मुझे स्वीकार करनेकी अनुमति दे दो, इससे मुझे खुशी हुई। आन्ध्र देशसे मुझे बहुत स्नेह है । आपकी विनम्रताको देखकर मुझे आश्चर्य नहीं हुआ बल्कि एक तरहसे खुशी ही हुई । मैं आपको अभिनन्दनपत्र भेंट करनेका एक बढ़िया तरीका सुझाऊँगा । मैं आपके सामने निर्धनों तथा दलितोंके प्रतिनिधिके रूपमें खड़ा हूँ । जबकि मैं आपके पास गरीबोंका प्रतिनिधि बनकर आया हूँ उस हालतमें अभिनन्दनपत्रोंको तैयार करनेमें हुए खर्चको देखकर मुझे पीड़ा होती है । यदि ये अभिनन्दनपत्र हस्तलिखित होते या फिर वे ताड़पत्रोंपर अंकित होते तो मुझे ज्यादा खुशी होती ।