देश-भरमें राष्ट्रीय धनके साथ बहुत खिलवाड़ किया जा रहा है। मित्रो, आपको मालूम नहीं है कि खादी-उत्पादन तथा अस्पृश्यता निवारणके लिए आन्ध्र देशको कितनी रकम दी गई है और आप मुझे यह कहनेकी इजाजत देंगे कि जिन विभिन्न कार्यकर्त्ताओंको यह रकम सौंपी गई थी उन्होंने इसका जिस ढंगसे इस्तेमाल किया है उससे मुझे खुशी नहीं हुई है । अब हमें नींद से जाग जाना चाहिए। जबतक हम राष्ट्रीय पैसेकी वैसी ही कदर नहीं करेंगे जैसी कि हम अपने पैसेकी करते हैं, जबतक हम देशके सम्मानकी रक्षा उसी प्रकार नहीं करेंगे जिस प्रकार अपने सम्मानकी करते हैं, तबतक हमें स्वराज्य हासिल नहीं होगा । यदि हम चाहते हैं कि हमें राष्ट्रीय सेवककी उपाधि मिले तो हमें इन सब मामलोंमें सीजरकी पत्नीकी तरह शक व शुबह से ऊपर रहना चाहिए । यही काफी नहीं है कि कार्यकर्त्ता इस पैसेका इस्तेमाल अपने लिए न करें बल्कि यह भी ठीक नहीं है कि वे इसे असावधानीसे खर्च करें या निर्धारित कार्योंके बजाय दूसरे कार्योंपर खर्च करें ।
आन्ध्र प्रदेशमें असीम सम्भावनाएँ हैं । इसके पुरुष शक्तिशाली हैं। दक्षिण आफ्रिकामें भी मैंने देखा है कि आन्ध्रकी स्त्रियाँ स्फूर्तिवान और उद्यमी हैं । आपकी उदारता इतनी ज्यादा है कि वह दोष जैसी लगती है। यदि आपका नेतृत्व ठीक प्रकारसे किया जाये तो आपमें अद्भुत आत्म-त्यागकी क्षमता है। आपकी वीरता असन्दिग्ध है । लेकिन दुर्भाग्यवश जो लोग देशके प्रति अच्छा कार्य कर सकनेकी स्थिति में हैं वे सेवा करनेके बजाय नेतृत्व करनेके ज्यादा उत्सुक हैं । जहाँ आलोचना करनी चाहिए वहाँ आप आलोचना करने में झिझकते और डरते हैं तथा हरेक दोषको छिपानेकी राष्ट्रीय कमजोरी आप लोगोंमें भी है । यदि इस शिष्टाचार, अनुशासन तथा परीक्षणके वर्षके दौरान मैंने आपको उन कमियोंकी ओरसे सावधान नहीं किया या आपसे उन्हें दूर करनेके लिए नहीं कहा तो मैं आपके प्रति सच्चा नहीं होऊँगा ।
आप देख ही चुके हैं कि हमारे अत्यन्त योग्य स्पीकर महोदय,[१] जिनसे अधिक योग्य स्पीकर शायद ही हमें कभी मिले, द्वारा किये गये शानदार और प्रभावकारी कामको शक्तिशाली वाइसरायके मुँहसे निकले एक ही शब्दने किस प्रकार एक मिनटमें व्यर्थ कर दिया है । मैंने आपका ध्यान इस घटनाकी ओर इसलिए दिलाया है ताकि आप देख सकें कि आपके सामने कितना बड़ा काम करनेको पड़ा है। चाहे आज आये या आजसे बरसों बाद आये, लेकिन भारत में स्वतन्त्रता तथा मुक्ति तथाकथित विधान सभाओंके जरिये नहीं आयेगी बल्कि वह तो कांग्रेस द्वारा निर्दिष्ट विधिके अनुसार गाँवोंमें काम करके हासिल होगी। यदि वाइसरायको इसका ज्ञान होता कि स्पीकर महोदय एक ऐसे राष्ट्रके प्रतिनिधि हैं जो जागरूक है और साहसिक कार्य करने में समर्थ है तो वह विट्ठलभाई द्वारा दिये गये निर्णयको शिरोधार्य कर लेते । वाइसरायको तथा सरकारको, जिसके वाइसराय प्रमुख हैं, जो शक्ति प्रभावित कर सकती है वह कोई बम फेंकनेवाली उन्मत्त शक्ति नहीं है बल्कि करोड़ों लोगों द्वारा किये गये कामसे उत्पन्न एक सामूहिक, शान्त और अथक शक्ति
- ↑ १. केन्द्रीय विधान सभा के स्पीकर विट्ठलभाई पटेल ।