रह सकते हैं। साथ रहते हुए भी उनके बिछौने अलग हों। वे एकान्तमें न मिलें । यह सब वह कर सकते हों तो करें। पर हम उसके सम्बन्धमें कोई नियम न बनायें । अगर वह भ्रष्ट होंगे तो जायेंगे ।
जो मकान खाली हुए हैं उन्हें दूसरोंको दे देना ठीक है । आनेवाले नियमोंके पालनका प्रयत्न करें सो भी ठीक है । उन्हें दूध, भण्डारसे सामान देनेका बन्धन हम न लें । उनकी रखवाली करनेका बन्धन भी हम न लें । यदि हमारे पास दूध हो तो दे दें। मतलब यह कि जिस प्रकार बुधाभाई हमारे पड़ोसमें रहते हैं उसी प्रकार सब रहें। इस शर्तपर लोगोंके रहनेमें मुझे कोई अड़चन नहीं दिखाई देती । मन्दिर अभी कुछ छोटा तो हो जायेगा, यह मैं देख रहा हूँ। यह ठीक भी है। यह मैंने इसी समय विचार करनेके बाद ही लिख दिया है । इसलिए अपूर्ण होगा तो तुम बाकी विचार कर लेना । महादेव वहाँ है, उसके साथ सलाह कर लेना ।
महावीर पोद्दारके[१] पत्रसे मुझे आश्चर्य हुआ है । उसीने और खादी भेजनेके लिए कहा था। मैं उसे लिखूंगा। इस बीच और खादी मत भेजना। तुम तो यह लिख देना कि तुमने मेरे कहनेसे ही खादी भेजी थी ।
महादेवका आज तार आया है कि उसने पत्र लिखा है । पत्र मिलनेपर विचार करूँगा । उसे भी जबरदस्ती तो नहीं रखना है । उसमें उसकी भलाई नहीं होगी। सबके जानेपर भी जो रहनेका विचार कर सकते हैं वही रहें। इसके बारेमें भी सलाह-मशविरा न करना । सलाह बहुत कर चुके हैं। पाण्डवोंके महाप्रयाणकी कथा पढ़ी है न? एकके बाद एक थकता गया। बड़ी अद्भुत कथा है । हमारे यहाँ भी जो थकता जाये वह पीछे छूटता जायेगा । जो थकेगा वह नीचे है और जो नहीं थकेगा वह ऊँचा है ऐसा भी नहीं माना जायेगा। सभी अपनी-अपनी शक्तिके अनुसार करें । और गाय लेनेसे पहले पारनेरकरसे पूछ लेना कि उसकी मानसिक स्थिति कैसी है । यदि वह स्वस्थ हो और उसमें हिम्मत हो तो जरूर नये मवेशी रख सकते हैं ।
सूत वगैराकी चोरीकी बात पढ़कर मुझे कुछ नहीं हुआ । छगनलाल आदिके किस्से से सब कुछ फौरन सीधा हो जायेगा, ऐसी आशा मनमें रखनेकी मूर्खता मैंने नहीं की ।
- तुम्हें यात्राका कार्यक्रम भेज रहा हूँ । महादेवको बता देना ।
बापूके आशीर्वाद
- गुजराती (जी० एन० ५५५९) की फोटो - नकलसे ।
- ↑ १. कलकत्ताके एक बड़े खादी भण्डारके संचालक ।