२५८. स्त्रीकी दर्दनाक हालत
- एक नौजवानके पत्रका सार इस तरह है :[१]
हिन्दू समाज में ऐसी करुण कथाओंके अगणित उदाहरण मिल सकते हैं । यह सम्भव नहीं कि तुरन्त ही इनका प्रतिकार किया जा सके। कई बातें ऐसी हैं, जिन्हें इस समय सह लेनेके सिवा दूसरा चारा नहीं है। ऐसे मामलोंमें जो कुछ मुझे सूझता है, सो तो यों है कि कोई रिश्तेदार ऐसी युवतीकी मदद करना चाहे तो उसे दृढ़तापूर्वक उसकी मदद करनी चाहिए। किशोर होते हुए भी अगर इस युवतीका पति समझदार है तो उसे चाहिए कि वह अनिच्छापूर्वक किये गये युवतीके साथके अपने इस सम्बन्धसे लाभ उठाकर उसे पढ़ाये, खुद उसे अपनी बहन समझे और उसके लिए योग्य पति ढूंढ़ दे । मैं जानता हूँ कि पन्द्रह वर्षके किशोरसे इतनी बुद्धि-मानीकी आशा नहीं की जा सकती। लेकिन इस समय इस उम्रके भी परोपकारी बालक मेरी नजरोंमें हैं और इसी आधारपर मैंने ऊपरकी बात लिखी है । तीसरा मार्ग है, लोकमतको सुशिक्षित बनानेका -- जिन्हें ऐसे बेजोड़ विवाहोंका पता चले, वे उन्हें प्रकट तो जरूर ही कर दें। यदि इससे संकटग्रस्त बालाकी रक्षा न हो सके तो भी यह निश्चित ही है कि धीरे-धीरे ऐसी घटनाएँ कम होती जायेंगी ।
उल्लिखित विचारधारासे यह नतीजा निकलता है कि ऐसे कामोंके लिए सत्य-परायणता, निडरता, दृढ़ता और साहसको जरूरत है । जो विवाह विवाहको सच्ची व्याख्या के अनुसार नहीं हुआ है, वह विवाह ही नहीं है, इसे मान लेनेपर ही हम लोग आगे बढ़ सकेंगे। जिसे जातिका, गरीबीका, और ऐसी ही दूसरी बातोंका डर है, वह कभी सुधार कर ही नहीं सकता। सुधारकोंने दुःख उठाये हैं, निन्दा सहन की है, भूखों मरे हैं, जानें कुर्बान की हैं। इन बातोंके अभाव में दुनियाके किसी भी हिस्से में सच्चे सुधार नहीं हो सके हैं ।
- एक डाक्टर लिखते हैं :[२]
यह डाक्टर धन्यवादके पात्र हैं। उनका कहना बिलकुल ठीक है कि ऐसे मौकों पर बहुतेरे डाक्टर फीसके लोभमें पड़कर लोगोंके पापोंमें मददगार होते हैं। लेकिन यह लेख मैं डाक्टरोंको उनका धर्म बतलाने के लिए नहीं लिख रहा हूँ । यह पत्र स्त्रीकी
- ↑ १. यहाँ नहीं दिया गया है। पत्रमें एक १५ वर्षीय बालकका विवाह एक सत्रह वर्षीय युवतीसे होने की घटनाका उल्लेख करके लेखकने पूछा था कि यदि बड़ा होनेपर लड़का पुनर्विवाह करना चाहेगा तो उस स्थितिमें लड़कीका क्या होगा ?
- ↑ २. यहां नहीं दिया गया है। डाक्टरने लिखा था कि एक पाटीदार भाईने उनसे किसी वणिक विधवाके लिए जिससे उसका अवैध सम्बन्ध रहा था, गर्भपातकी दवा लिख देनेका अनुरोध किया था ।