दूसरी तरहकी है । किताबी ज्ञान होना ठीक है; किन्तु वह गौण है । मन्दिरका मूल्यांकन किताबी ज्ञानसे नहीं होना है ।
बापूके आशीर्वाद
- [ पुनश्च : ]
इसके साथका पत्र पूरा करनेपर दूसरी डाक भी यहाँ मिली । कान्तिके विषय में आज तार देनेका विचार किया है जिससे तुम्हें कठिनाई न हो । यदि उसे दुग्धालयके काममें कुछ हानि हुए बिना छुट्टी दी जा सके तो वह चाहे तो हो आये । मालूम होता है कि हरिलाल उसे कैमरा देना चाहता है । यदि दे तो उसकी मनाही कर देनेकी इच्छा नहीं होती । फिर तुम्हें जो ठीक लगे, उसे वही सलाह देना ।
पन्नालालको जमीन देना तो मुझे अच्छा लगा है । इसके प्रस्तावके विषय में मुझे पूछनेकी जरूरत नहीं है। इसके अलावा काका है; इसलिए और क्या चाहिए ? किन्तु गोसेवा समितिकी सहमति काफी नहीं है। इस बातकी योग्यताका विचार यह समिति कर तो सकती है; किन्तु किरायेपर देनेका हक कार्यवाहक समितिका है । इसलिए नियमपूर्वक काम करनेके लिए उसकी अनुमति चाहिए। मैं तो यह चाहता कि पन्नालाल नया घर भी न बनाये । जोशीवाला मकान किरायेपर ले; क्या ऐसा ही निश्चित भी किया गया है ?
मैत्रेयी चली गई यह ठीक ही हुआ । क्या दुर्गा और महावीर काम करते हैं ?
जयन्तीको बुखार क्यों हो गया ? और बाल[१] को भी क्यों आया ?
तुम मन्दिरकी शाला जिस तरह चला रहे हो वह तो बढ़िया है ही । यही हमारा आदर्श है ।
जिसे तुम 'संकट-काल' मान रहे हो मैं उसके बारेमें प्रसन्न हूँ । जो-कुछ हो रहा है उसमें मैं यहाँ बैठा-बैठा रस ले रहा हूँ ।
बापूके आशीर्वाद
- गुजराती (जी० एन० ५४०८ तथा ५४९३) की फोटो-नकलसे ।
३०८. भाषण : तुनीकी सार्वजनिक सभामें
२ मई, १९२९
तुनीके यूनियन बोर्ड और यहाँके लोगोंने मुझे जो अभिनन्दनपत्र भेंट किये हैं तथा खादी कोषके लिए जो थैलियाँ दी हैं उनके लिए मैं आप सबको धन्यवाद देता हूँ । इससे जाहिर होता है कि आप लोगोंने राष्ट्रकी आवश्यकताको समझ लिया है। आपके अभिनन्दनपत्र में खादीके बारेमें बहुत-कुछ कहा गया है । खद्दरके बारेमें विचार प्रकट करनेके आप बेशक काबिल हैं क्योंकि मुझे मालूम है कि आपका यह शहर एक खादी उत्पादन केन्द्र है और यहाँके बहुतसे व्यापारी खादीके व्यापारमें लगे हुए हैं। इसीलिए यदि आपमें से कोई एक व्यक्ति भी विदेशी कपड़ा पहने तो
- ↑ १. काका कालेलकरका पुत्र ।