मेरे प्रतिनिधित्व में खामी आ जायेगी। जिला बोर्डने जो चादर और आसन दिया है, उन्हें अपवाद मान लेता हूँ । आश्रममें जो छोटा-सा संग्रहालय है उसमें आसन प्रेम और परिश्रम तथा लड़कोंके कामकी यादगार मानकर रख दिया जायेगा । ओढ़नेकी चादर प्रेमपूर्वक जाड़े में ओढूंगा और जिन लड़कोंने इसको बनाया है उनका स्मरण नाम न जानते हुए भी रखूंगा ।
जिन्होंने अभीतक दान नहीं दिया है उनसे प्रार्थना है वे अब दे दें । उसका उपयोग भी आप लोग समझ लें । यह गरीब लोगोंके लिए कताई-बुनाईके काममें आयेगा; ऐसे गरीबोंके जो आपके बीच गरीबसे भी गरीब हैं उनसे भी गरीब हैं । हिन्दुस्तान में १ करोड़ लोगोंको एक ही वक्त सूखी रोटी और नमक मिलता है । उनका नाम दरिद्रनारायण है । उनके वास्ते आपने ये पैसे दिये हैं ।
कुली और बेगार प्रथा सन् १९२१ में बन्द हो गई थी, यह मैं जानता मैं उम्मीद करता हूँ कि आप डरना बिलकुल छोड़ देंगे, फिर डरानेवाला भले ही कोई बड़ा अफसर हो, अंग्रेज हो । जब हम अपने रास्तेसे चले जा रहे हैं तो क्यों डरें । स्वराज्यके मार्ग में डर रुकावट है । अब भाषणका समय खत्म हो गया है । सौदेके लिए भी समय माँगूँगा । मुझसे कहा गया था कि मैं इनका नीलाम न करूँ, यहाँ ऐसे लोग मौजूद हैं जो कीमत देकर ये चीज ले सकेंगे। हाँ, दो बातें और हैं उन्हें नहीं छोड़ सकता । यहाँ एक नायक कौम है जो धर्मके नामसे अधर्म करती है । बहन बेटीसे व्यभिचार कराते हैं। मैं अदबसे कहता हूँ वह इस अधर्मको छोड़ दे। इससे हिन्दुस्तान और उन दोनोंको हानि है । उनकी लड़कियोंका विवाह हो और उन्हें शिक्षा दी जाये । कोई औरत इस दुनिया में व्यभिचारके लिए पैदा नहीं हुई है । प्रत्येक औरतको सीताकी तरह पवित्र बनना चाहिए। इसी तरह अस्पृश्यता हमारा कलंक है । इस धब्बेको धोना हरएक हिन्दूका कर्त्तव्य है । यहाँ हिन्दू, मुसलमान, ईसाई मिलकर रहते हैं, इसके लिए धन्यवाद है ।
- आज, ४-७-१९२९
६५. तार : मोतीलाल नेहरूको[१]
[ २० जून, १९२९ या उसके पश्चात् ]
आपका तार । ५ जुलाईको दिल्ली सुविधाजनक रहेगी ताकि रातकी गाड़ीसे रवाना हो सकूं । कमला कैसी है ?
गांधी
अंग्रेजी (एस० एन० १५४०३) की फोटो - नकलसे ।
- ↑ १. इलाहाबादसे दिनांक १९ जूनको भेजे मोतीलाल नेहरूके तारके उत्तरमें जो ३० जूनको अल्मोड़ामें मिला था। इसमें गांधीजी से कार्य समितिकी उस बैठकके लिए उपयुक्त तारीख और स्थान सुझानेका अनुरोध था जिसमें विधानसभाओंके कामपर विचार होना था ।