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१७२. पत्र: शान्तिकुमार मोरारजीको
रेलगाड़ी
२९ जुलाई, १९२९
चि॰ शान्तिकुमार,
डॉ॰ लियोनार्ड हिलकी लिखी पुस्तक ‘साइन्स ऐंड आर्ट ऑफ लिविंग’ मँहगी न हो और प्राप्त हो तो भेज देता। मँहगी न हो अर्थात् मूल्य तीन रुपये तक हो।
बापूके आशीर्वाद
गुजराती (सी॰ डब्ल्यू॰ ४७१३) की फोटो नकलसे।
सौजन्य: शान्तिकुमार मोरारजी
१७३. टिप्पणी: छगनलाल जोशीके लिए
२९ जुलाई, १९२९
उसे[१] लड़कोको ले आनेके लिए लिखा है। उसे रख ही लेंगे, ऐसी आशा वह न बाँधे। देखनेके बाद और यदि वह आश्रम-जीवन का पालन कर सके तो उसे रखने में शायद कोई अड़चन नहीं होगी।
गुजराती (एस॰ एन॰ १५४३२) की माइक्रोफिल्मसे।
१७४. टिप्पणी: छगनलाल जोशीके लिए
२९ जुलाई, १९२९
उसे[२] लिखा है कि वह अपना प्रतिनिधि भेज सकता है। खानेका खर्च हम उठा लेंगे।
गुजराती (एस॰ एन॰ १५४१८) की माइक्रोफिल्मसे।