अंग्रेज राजनीतिज्ञ हमारे चुनाव पर क्या कहेंगे अपने में आत्मविश्वासकी कमी प्रकट करना है। आलोचक महोदय अंग्रेज स्वभावको जितना समझते हैं, मैं उनसे अधिक समझता हूँ। एक अंग्रेजकी नजरमें सचाई, वीरता, धैर्य और स्पष्टवादिता बहुमूल्य गुण हैं, और जवाहरलाल में ये सब प्रचुर परिमाणमें पाये जाते हैं। अतएव अगर चुनावके समय ब्रिटिश राजनीतिज्ञोंका भी ख्याल करें तो भी पण्डित जवाहरलाल उस दृष्टिसे किसी कदर कम नहीं उतरते।
और आखिर यह तो है ही कि कांग्रेसका अध्यक्ष कोई निरंकुश हाकिम नहीं होता। उसका दर्जा एक ऐसे प्रतिनिधिका होता है, जिसे एक प्रथित परम्परा और सुसंगठित संविधानके भीतर रहकर काम करना होता है। ब्रिटेनके राजाको जनता पर जिस हद तक अपने विचार लादनेका हक है उससे ज्यादा हमारे अध्यक्षको भी कदापि नहीं हो सकता। कांग्रेस एक ४५ वर्ष पुरानी संस्था है, और उसका महत्व एवं प्रतिष्ठा उसके अत्यन्त सुप्रसिद्ध अध्यक्षोंसे कहीं बढ़कर है। दूसरे, जब समय आयेगा, ब्रिटिश राजनीतिज्ञोंको किसी एक व्यक्तिसे नहीं बल्कि सारी कांग्रेससे मोर्चा लेना पड़ेगा। अतएव सब तरह विचार करनेके बाद मैं उन लोगोंको जिन पर इस विषयका उत्तरदायित्व है, यही सलाह देता हूँ कि वे मेरा ख्याल छोड़ दें और इस उच्च पदके लिए पूरी-पूरी आशा तथा विश्वासके साथ पण्डित जवाहरलालको ही चुनें।
- [अंग्रेजीसे]
- यंग इंडिया, १-८-१९२९
१८०. चरखेके शोधकको इनाम
पाठकों को याद होगा कि कुछ वर्ष पहले श्री रेवाशंकर जगजीवन झवेरीने सिंगर मशीनके जैसा घर-घर काममें आने योग्य एक चरखा तैयार कर देनेके लिए ५,००० के इनामकी घोषणा की थी; बहुतेरोंने इस इनामको पाने की कोशिश की थी। एक चतुर कारीगरको तो उनके प्रयोगोंके लिए आश्रम में हर तरह की सुविधाएँ जुटा दी गई थीं। मगर सारी कोशिशें बेकाम साबित हुईं। फिर भी हमने घरोंमें चलनेके लायक सुधरे हुए चरखेकी आशा सर्वथा छोड़ नहीं दी थी। श्री रेवाशंकर जगजीवनतो निराशाको अपने पास भटकने तक नहीं देते। अब वे चरखा संघकी कार्यकारिणी समिति से एक ऐसे इनामकी घोषणा करवाने में सफल हुए हैं, जिससे पश्चिमी आविष्कारकोंका ध्यान भी उसकी और आकर्षित हो सके। फलस्वरूप पाठक इसी अंकमें अन्यत्र पढ़ेंगे कि इस बात के लिए रु० १,००,०००के यानी वर्तमान विनिमयकी दरके मुताबिक ७,७०० पौंडके इनामकी घोषणा की गई है। जो अवधि दी गई है उसके समाप्त होने तक यदि रुपयेको कीमतमें घट-बढ़ हो जाये, तो भी रकम ७,७०० पौंड तो कायम ही रखी जायेगी। मुझे उम्मीद है कि इस इनामके कारण चरखके लिए भी