हुआ एक रुपया भूखों मरनेवाली १६ बहनोंको भोजन देगा, वही रुपया जब किसी और की जेबमें होता है तो एक दिनकी शराब खरीदने, बीड़ी पीने या मिठाई खानेके काम आता है और इन्हीं सबके साथ वह रोगोंको भी खरीद लेता है ।
जनताके पाससे उगाही हुई रकम किसी भी हालत में अन्य किसी काममें नहीं लगाई जानी चाहिए। जनता विश्वास भरे हृदयसे दान करती है । उसकी दी हुई रकम का सहज और सर्वोत्तम सदुपयोग उसे चरखेके प्रचारमें खर्च करना है । दिया हुआ दान इस तरह के सदुपयोगसे दूना होकर उसे वापस मिलता है। सभीको चाहिए कि दल या स्थितिका खयाल न करते हुए वे इसमें भाग लें। मुझे तो न्यायाधीशों तकने खादीके लिए दान दिया है ।
यही नहीं, मैं प्रबन्धकर्त्ताओंको कांग्रेस सम्बन्धी दूसरा काम भी देना चाहता । ।| मैं कांग्रेस संस्थाओंके विषय में जानना और उनकी सहायता करना चाहता हूँ ।
अतएव जहाँ कहीं मानपत्र दिये जायें उनमें नीचे लिखी बातें होनी चाहिए :
१. मानपत्र देनेवाले जिले या स्थानके क्षेत्रफलकी आबादीका तफसीलवार वर्णन;
२. राष्ट्रीय शालाएँ और उनमें पढ़नेवाले विद्यार्थियोंकी संख्या;
३. चालू चरखों और करघोंकी संख्या; सूतकी मासिक उत्पत्ति, खादीका परि- माण और उसकी कीमत;
४. उत्पन्न खादीकी स्थानीय और बाहरकी बिक्री;
५. स्वयं कातनेवालोंकी संख्या;
६. स्वयं-सेवकोंकी संख्या और उनका कार्यक्षेत्र;
७. भिन्न-भिन्न धर्मोके अनुसार सदस्यों (स्त्री-पुरुषों) की संख्या;
८. वहाँकी कांग्रेस समितिकी आर्थिक स्थिति;
९. विदेशी वस्त्र - बहिष्कार, मद्यपान निषेध, अछूतोद्धार और हिन्दू-मुस्लिम समस्या तथा उसके लिए किये गये कार्यका विवरण ।
यह तो जिन बातोंको मैं जानना चाहूँगा, उनका एक नमूनामात्र है । मैं यह भी पसन्द करूँगा, जिन-जिन ताल्लुकों या जिलोंमें मैं जाऊँ उनके नक्शे मुझे दिये जायें और उनमें यह सूचित किया जाये कि किन-किन गाँवों में कांग्रेसका काम हो रहा है ।
जो लोग गोसेवा और जनता तक शुद्ध दूध पहुँचाने के काम में दिलचस्पी लेते हैं, वे अपने-अपने स्थान में इस सम्बन्धकी आवश्यक बातें और तथ्य मुझे बतानेकी कृपा करेंगे ।
एक बात और विद्यार्थियोंसे मिलने में मुझे बड़ा आनन्द होगा, भाषण करनेके लिए नहीं बल्कि उनसे मिलकर उनके हृदयों में प्रवेश करने और उनके दुःख एवं कष्टोंमें भाग लेनेके लिए। मैं आशा करता हूँ कि स्त्रियोंकी सभा हर जगह होगी और साथ ही उनका हाथकता सुन्दर सूत व गहने भी होंगे ही।
यंग इंडिया, ५-९-१९२९