३००. टिप्पणियाँ
संकटग्रस्त सिन्ध
सिन्धके संकटोंकी दुःख-गाथा वर्णन करनेसे कलम इनकार करती है । प्रतिदिन समाचारपत्रों में प्रकाशित होनेवाली भीषण खबरें पढ़ता हूँ और हमारी असहाय अवस्था का कटु अनुभव करता हूँ। लेकिन इसीलिए हमें हाथ पर हाथ धरे बैठे न रहना चाहिए। लोगोंकी तरफसे मिला हुआ एक-एक रुपया पीड़ितोंके संकटको कुछ-न-कुछ कम ही करेगा । हमारा कर्त्तव्य है कि इस मौके पर हमसे जो थोड़ा-बहुत बन जाये, करें। एक निर्मल हृदय विधवाकी दी हुई कुछ पाइयाँ उन लाखों रुपयोंसे कहीं अधिक सहायक होती हैं, जो स्पर्धावश (यशकी इच्छासे) दिये जाते हैं । जो कुछ भी रकम इस काम के लिए मिलेगी, अध्यापक नारायणदास मलकानीकी देखरेखमें बड़ी सावधानीके साथ खर्च की जायेगी । दाताओंको चाहिए कि वे दान देनेमें अब देरी न करें ।
औद्धत्यकी सीमा
कुछ दिन पहले अली भाई दक्षिण आफ्रिकाकी यात्राके लिए भारतसे रवाना हुए थे। उनके दक्षिण आफ्रिका पहुँचते ही वहाँकी संघ सरकारने उनके सामने जो अपमानजनक और स्वाभिमानको चूर करनेवाली शर्तें पेश की हैं, उनसे पुनः यह सिद्ध होता है कि यद्यपि संघ सरकार में बाहरी परिवर्तन हुए हैं तथापि उसका प्राकृत स्वभाव जैसाका तैसा बना हुआ है । अन्यथा, सर्वदलीय परिषद् के समझौते और श्री शास्त्रीजीके अद्भुत कार्योंके बाद तो यह आशा रखी जाती थी कि संघ सरकारके लिए अली भाइयों और अप्रत्यक्ष रूपसे सारे देशका अपमान करना असम्भव हो गया होगा । विशेषकर जब अलोभाइयोंने यह वचन दे दिया था कि वे दक्षिण आफ्रिकामें राजनैतिक भाषण नहीं करेंगे, तब तो संघ सरकारको उनकी बात मान लेनी चाहिए थी। आम तौरपर अन्तर्राष्ट्रीय नीतिका यह एक सहज नियम-सा बन गया है कि जब तक कोई खास वजह न हो, प्रतिष्ठित व्यक्तियों पर शक लाना, उन्हें कष्ट पहुँचानेवाली शर्तें पेश करना या रुकावटें डालना ठीक नहीं। अगर कोई खिलाफ कार्रवाई करना आवश्यक ही हो जाये, तो वह भी अत्यन्त विनयपूर्वक और राजदूतके जरिए की जाती है । मसलन, प्रस्तुत मामलेमें संघ सरकारका यह धर्म था कि वह अपनी मुनासिब और वाजिब शर्तें सीधे अली-भाइयोंके पास न भेजकर भारत सरकारके सामने पेश करती। संघ सरकारको इस बातका जरा भी हक न था कि वह अलो भाइयोंसे जमानत तलब करती या उनके सामने हास्यास्पद शर्तें पेश करनेकी चेष्टा करती। मुझे आशा है, अब भी भारत सरकार अली भाइयोंको पूरा-पूरा न्याय दिला कर रहेगी, उनपर जो शर्ते लादी गई हैं, वे हटा ली जायेंगी । और उन्हें
१. " टिप्पणियाँ ", २६-९-१९२९ का उपशीर्षक "अली भाइयोंपर प्रतिबन्ध " भी देखिए ।