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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 41.pdf/४७९

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३४२. पत्र : केदारको

मुकाम आगरा
१४ सितम्बर, १९२९

प्रिय मित्र,

आपका पत्र मिला । प्रो० हिगेनबाटमके वक्तव्यकी ओर करके आपने बिलकुल ठीक ही किया । अब तो कुछ भी नहीं किया जा सकता ।

हृदयसे आपका,

श्री केदार

कृषि महाविद्यालय

इलाहाबाद

अंग्रेजी (एस° एन° १५५३३) की फोटो नकलसे ।

३४३. पत्र : टी० आर० संजीवीको

मुकाम आगरा
१४ सितम्बर, १९२९

प्रिय मित्र,

आपका ७ तारीखका पत्र मिला । कल्पक "की एक प्रति भी मिली। जैसा कि आपको मालूम है मैं 'यंग इंडिया के स्तम्भोंमें उन पुस्तकोंके अलावा जिनका मेरे कार्य से सम्बन्ध होता है अन्य पुस्तकोंका उल्लेख नहीं करता ।

हृदयसे आपका,

श्री टी° आर° संजीवी,

अव्यक्ष

लेटेंट लाइट कल्चर

तिन्नेवेली (दक्षिण भारत )

अंग्रेजी (एस० एन० १५५३५ ) की माइक्रोफिल्मसे ।

१. अंग्रेजी मासिक। इसके प्रकाशक श्री टी० आर० संजीवी थे।