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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 41.pdf/४९९

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३६४. पत्र : स्वामी गोविन्दानन्दको

मुकाम आगरा
१७ सितम्बर, १९२९

प्रिय मित्र,

मुझे अभी-अभी पता चला है कि आप कांग्रेसके नाम पर एक ऐसा खादी भण्डार चला रहे हैं जिसे अखिल भारतीय चरखा संघसे मान्यता नहीं मिली है। इस भण्डारमें अप्रमाणित खादी बेची जाती है। नमूनेके रूप में मुझे एक रूमालका नमूना भी दिया गया है; स्पष्ट ही उसमें मिलके सूतका उपयोग किया गया है। कृपया इस विषयमें लिखें कि जो बात मुझसे कही गई है उसमें कितनी सचाई है।

हृदयसे आपका,

स्वामी गोविन्दानन्द

अध्यक्ष
सिन्ध प्रान्तीय कांग्रेस कमेटी

केसरी कार्यालय, कराची
अंग्रेजी (एस° एन° १५५४७-क ) को माइक्रोफिल्म से।
 

३६५. पत्र : मन्त्री, अ° भा° च°, सं° अहमदाबादको

मुकाम आगरा
१७ सितम्बर, १९२९

प्रिय मित्र,

मुझे स्वामी गोविन्दानन्द द्वारा चलाये जा रहे खादी भण्डारसे सम्बन्धित आपका पत्र[] मिला। मैंने उन्हें भी एक पत्र[]लिखा है; उसकी प्रति संलग्न है।

हृदयसे आपका,

संलग्न १
मन्त्री

अखिल भारतीय चरखा संघ

मिर्जापुर, अहमदाबाद
अंग्रेजी (एस° एन° १५५४७) की माइक्रोफिल्मसे।
  1. पत्र में लिखा था: "स्वामी गोविन्दानन्दका भण्डार अ° भा° च° सं° द्वारा प्रमाणित नहीं है। फिर भी चूँकि यह भण्डार कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष द्वारा चलाया जा रहा है, इसलिए कठिनाई होनेका भय है।..." (एस° एन° १५५४६)।
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