७. अगर एककी अपेक्षा दूसरेकी प्रार्थना जल्दी फलवती हो जाती है तो इसका अर्थ यह है कि उस व्यक्तिमें जितनी चाहिए उतनी लगन नहीं है ।
हृदयसे आपका,
अंग्रेजी (एस० एन० १५३५९ ) की फोटो- नकलसे ।
४६८. पत्र : हरिश्चन्द्र दासको
मुकाम गोरखपुर
४ अक्टूबर, १९२९
आपका पत्र मिला । आप निस्सन्देह रचनात्मक कार्यों तथा अन्य समाजसेवाके कार्य करके अध्ययन - कालमें भी देश सेवा कर सकते हैं । आप प्रतिदिन कमसे कम एक घंटे तक मन लगाकर सूत कातकर असंख्य भूखे लोगोंकी सहायता कर सकते हैं। आप अपनी छुट्टियाँ देहातोंमें बिता सकते हैं और वहाँ सफाईका काम करके ग्रामवासियोंकी सेवा कर सकते हैं। ऐसी और भी कई बातें हैं जो आपको अपने- आप सूझ सकती हैं ।
श्री हरिश्चन्द्र दास, डा० खा० बारीपाड़ा, मयूरभंज रियासत अंग्रेजी (एस० एन० १५६०८ ) की फोटो - नकलसे । ४६९. पत्र : प्रताप एस० पण्डितको
हृदयसे आपका,
४ अक्टूबर, १९२९
प्रिय प्रताप,गिरिराज अपने कामोंके बारेमें मुझे लिखता रहता है। लेकिन मैं चाहूँगा कि उसकी प्रगतिके सम्बन्धमें आप अपने स्वयंके अथवा अपने फोरमैनके विचार लिख भेजें । पत्र लिखकर भेजनेके लिए आप गिरिराजको सौंप दे सकते हैं अथवा उससे मेरा पता प्राप्त कर सकते हैं ।
हृदयसे आपका
अंग्रेजी (एस° एन° १५६१६) की माइक्रोफिल्मसे ।