किसी कारणसे यह करना सम्भव न दिखे तो ये दोनों वापस भेज देना । शरीर सँभालना ।
बापूके आशीर्वाद
दुबारा नहीं पढ़ा है ।
गुजराती (सी० डब्ल्यू० ७४०२) की फोटो - नकलसे ।
सौजन्य : वालजी गोविन्दजी देसाई
४८८. पत्र : पुरुषोत्तमदास ठाकुरदासको
गोरखपुर
८ अक्तूबर, १९२९
बम्बईके दूध और उसके अन्तर्गत बी० बी० ऐंड सी० आई० में दूध और उसके साधनोंके लिए पड़नेवाली दरके सम्बन्धमें भाई जगजीवनदास अमुलखरायके आन्दोलनसे आप परिचित हैं । उनके पत्रोंसे ऐसा लगता है कि बी० बी० ऐंड० सी० आई० का अधिकारी-वर्ग केवल अभिमानवश भाई नगीनदासकी माँग स्वीकार नहीं करता । किन्तु ऐसा मानते हुए संकोच होता है । आपको इस बारे में कुछ जानकारी है, और बहुत- कुछ कर सकते हैं, ऐसा भाई नगीनदास लिखते हैं। यदि आप इस सम्बन्धमें मुझे कुछ बता सकें, तो बतानेकी कृपा करेंगे ।
नमकके सम्बन्ध में क्या चल रहा है ? मैं तो अभी लिख नहीं पाया; पर यह बात तो मेरे मनम घूम ही रही है। पैनिंगटनका वह पुराना भाषण मैंने देख लिया था । उसमें मुझे कुछ मिला नहीं । इससे ज्यादा अच्छा साहित्य आपके ध्यानमें हो तो मुझे भेज दें । १४ व १५ तारीखको मैं हरिद्वारमें रहूँगा ।
मोहनदासके वन्देमातरम्
पुरुषोत्तमदास ठाकुरदासके कागजात, फाइल सं० ८४/१९२९
सौजन्य : नेहरू स्मारक संग्रहालय व पुस्तकालय