समर्थक
जो व्यक्ति सदस्यताके कर्त्तव्योंका अनुमोदन करते हुए भी उनके पूर्ण पालनमें असमर्थ हो, पर जो ऐसी सामर्थ्य पैदा करने की कोशिश करता हो और जो संघकी अन्य शर्तोंको पूरा करता हो, वह संघका समर्थक माना जायेगा।
व्यवस्था
संघकी सारी व्यवस्था निम्नलिखित सदस्योंकी स्थायी समितिके हाथोंमें रहेगी:
जमनालाल बजाज
बैजनाथ केडिया
मणिलाल वल्लभजी कोठारी
महावीरप्रसाद पोद्दार
शिवलाल मूलचन्द शाह
परमेश्वरीप्रसाद गुप्त
दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर
विनोबा भावे
छगनलाल खुशालचन्द गांधी
छगनलाल नाथुभाई जोशी
नारायणदास खुशालचन्द गांधी
सुरेन्द्रनाथ जायसवाल
चिमनलाल नरसिंहदास शाह
पन्नालाल बालाभाई झवेरी
यशवन्त महादेव पारनेकर
वालजी गोविन्दजी देसाई (मन्त्री)
इस समितिको संघका धनव्यय करने, दुग्धालयों, चर्मालयोंके प्रयोग करने, संघके उद्देश्यको आगे बढ़ानेके लिए अन्य प्रयोग करने, अपनी संख्या बढ़ाने, किसी सदस्यके त्यागपत्र देने अथवा मर जानेपर या किसी दूसरे कारणसे स्थान खाली होनेपर उसकी पूर्ति करने, किसी सदस्यको पर्याप्त और उचित कारणोंसे बहुमत द्वारा पृथक करने और संघकी व्यवस्थाके लिए विधान तथा नियमावली बनाने और समयानुसार उसमें परिवर्तन करनेका पूर्ण अधिकार होगा।
संघके सदस्य ही स्थायी समितिके सदस्य नियुक्त किये और रखे जा सकेंगे।
समितिकी बैठकमें कार्यवाह संख्या ५ रहेगी।
असाधारण अवसरोंपर संघकी बैठक बुलाये बिना, अथवा बुलाई गई बैठकमें कार्यवाह संख्या पूरी न होनेपर भी, आवश्यक कार्रवाई करनेका अधिकार अध्यक्षको रहेगा। लेकिन अध्यक्ष अपने ऐसे कार्यकी सूचना सदस्योंको तुरन्त ही दे देगा।