तारीखवार जीवन-वृत्तान्त
(१ जून से १५ अक्टूबर, १९२९)
१ जून: गांधीजी साबरमती आश्रम, अहमदाबादमें थे।
१२ जून: भगतसिंह और बटुकेश्वर दत्तको ८ अप्रैलको असेम्बलीमें दो बम फेंकनेके अपराधमें आजीवन कारावासकी सजा सुनाई गई।
१३ जून: बरेलीमें कार्यकर्त्ताओंकी बैठकमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटीके प्रस्तावके अनुसार कांग्रेसके पुनर्गठनके प्रश्नपर चर्चा की।
१४ जून: नैनीतालमें खद्दर, साम्प्रदायिक एकता, मद्य-निषेध और अस्पृश्यता निवारणके सम्बन्धमें भाषण किया।
१५ जून: भुवाली गये।
१६ जून: ताड़ीखेतमें प्रेम विद्यालयके वार्षिक समारोहमें भाषण किया।
१८ जून: अलमोड़ामें ईसाई सम्प्रदायके समक्ष भाषण किया।
२० जून: अलमोड़ामें अपने भाषणके दौरान पद्मसिंहकी मृत्युका उल्लेख बड़े मार्मिक शब्दोंमें किया।
२१ जून: अलमोडासे कौसानीके लिए प्रस्थान।
२७ जून: कौसानीमें 'भगवद्गीता' का अनुवाद पूरा किया।
२ जुलाई: कौसानीसे प्रस्थान।
४ जुलाई: सुबह काशीपुर पहुँचे और शामको दिल्लीके लिए प्रस्थान।
५ जुलाई: दिल्लीमें।
६ जुलाई: साबरमती आश्रम पहुँचे।
२३ जुलाई: कादीकी एक सार्वजनिक सभामें भाषण किया।
२६ जुलाई: इलाहाबाद पहुँचे। 'मेयो हाल'में कार्य समितिको बैठकमें भाग लिया।
२७ जुलाई: इलाहाबादमें अहिंसापूर्ण असहयोग आन्दोलनसे सम्बन्धित प्रस्ताव पेश किया जिसे कार्य समितिने अन्तमें भारी बहुमतसे स्वीकृत किया।
२८ जुलाई: बम्बई कांग्रेस मुस्लिम पार्टीको सन्देश।
२ अगस्त: तिलककी बरसीपर साबरमती आश्रममें भाषण।
११ अगस्त: बम्बई पहुँचे; मु॰ अ॰ जिन्नाके निवासपर एक 'गुप्त' सम्मेलनमें भाग लिया; "सामान्य हितोंके मामलों" पर चर्चा की; रातमें अहमदाबादके लिए प्रस्थान।
१२ अगस्त: अहमदाबाद लौटे।
पेचिशकी शिकायत।
१५ अगस्त: बिना राँधे आहारका प्रयोग त्याग दिया और डाक्टरी चिकित्सा कराई।