१८ अगस्त: कांग्रेसके ४४वें लाहौर अधिवेशनकी स्वागत समितिकी एक बैठकमें अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
२० अगस्त: कांग्रेसकी अध्यक्षता स्वीकार नहीं की और उस पदके लिए पण्डित जवाहरलाल नेहरूके नामकी सिफारिश की।
६ सितम्बर: अहमदाबादसे बम्बईके लिए प्रस्थान।
७ सितम्बर: बम्बईमें चार समारोहोंमें भाग लिया: विले पार्लेकी राष्ट्रीय पाठशालाके शिल्प खण्डका उद्घाटन किया; महिला हितकारी आश्रमकी आधारशिला रखी; नेत्रहीनोंके वनिता आश्रममें एक सभाकी अध्यक्षता की; कालबादेवीमें अ॰ भा॰ च॰ सं॰ के खादी भवनकी नई इमारत देखने गये।
९ सितम्बर: 'एसोसिएटेड प्रेस' ने पंच-फैसलेकी घोषणाको स्थगित रखनेके लिए मिल- मजदूरोंसे की गई गांधीजीकी अपील प्रकाशित की।
१० सितम्बर: भोपालमें, सार्वजनिक सभामें भाषण; साँची गये और आगराके लिए भोपालसे प्रस्थान।
११ सितम्बर: आगरा पहुँचे, संयुक्त प्रान्तका दौरा विधिवत आरम्भ किया; सार्वजनिक सभामें भाषण; महिलाओंकी सभामें भाषण।
१२ सितम्बर: 'यंग इंडिया' में कांग्रेसकी अध्यक्षतासे इनकार करनेका स्पष्टीकरण किया।
१३ सितम्बर: आगरा कालेजमें विद्यार्थियोंके समक्ष भाषण।
१८ सितम्बर: आगरासे दयाल बाग गये।
२० सितम्बर: मैनपुरीमें।
२१ सितम्बर: फरूखाबादमें।
२२ सितम्बर: कानपुरमें, जिला मण्डल और नगरपालिका द्वारा भेंट किये गए मान- पत्रोंके उत्तरमें भाषण।
खुर्दरा मालके व्यापारियों और कपड़ा बाजार कर्मचारी संघ द्वारा भेंट किये गये मानपत्रोंके उत्तरमें भाषण।
२४ सितम्बर: कानपुरम, विद्यार्थियोंकी सभामें भाषण।
२५ सितम्बर: काशीमें, अछूतोंकी सभामें भाषण।
हिन्दू विश्वविद्यालयके विद्यार्थियोंके समक्ष भाषण।
२६ सितम्बर: महिलाओंकी दो सभाओंमें भाषण।
काशी विद्यापीठ, काशीमें भाषण।
राष्ट्रीय विद्यापीठ, काशीके दीक्षान्त समारोहमें भाषण।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटीकी बैठकमें भाग लेने लखनऊके लिए बनारससे प्रस्थान।
२७ सितम्बर: लखनऊमें, सार्वजनिक सभामें भाषण।
२८ सितम्बर: लखनऊ, विश्वविद्यालयके विद्यार्थियोंके समक्ष भाषण।
अ॰ भा॰ कां॰ क॰ की बैठकमें भाषण।