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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 41.pdf/६८९

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६५१
सांकेतिका
राजनीतिक सम्मेलन, हरदोई, ५९५
राजू, नारायण, ४६४
राजेन्द्रप्रसाद, २०४, २४४, ३४२-४३
रानडे, रमाबाई, ४५१
राबर्ट्स, १
राम, [भगवान], ८, ३०८, ३१६-१७, ३८३, ४२०, ४९२, ५८४, ५९०-९१
रामकृष्ण, १७७
रामगोपाल, ६०७
रामचरितमानस, ३०७, ३१७, ३९९, ४८२, ५८९, ५९०-९१
रामजी, ५०२
रामजी गोपाल, ४११
रामनारायण २१५, ४५६
राममूर्ति, २४४
रामराज्य, १९५, ५२२
रामलिंगम्, एन॰, २१-२२
रामविनोद, ३६०, ४४३
रामानुज, १७७
राय, डा० प्र० च० २१०
राय, राममोहन, १७७
रायटर, २२१
राव, नागेश्वर, १७२, २१६
राव, शेषगिरि, ४६४
रावण, ३० पा॰ टि॰, ३१७, ५११, ५९०
राष्ट्रीय कोष, –में मितव्ययिताकी आवश्यकता, १४-५
राष्ट्रीय ध्वज, –के रंगोंका महत्व, ५३२
राष्ट्रीय पाठशाला, ३९६, ४२५-२७, ४४६, ४५३
राष्ट्रीय शिक्षा, ४७९
राष्ट्रीय संस्थान, ५०९-१०

राष्ट्रीय सेवा मण्डल, २०१
राष्ट्रीय सेवा संघ, –और कताई, २६४; –और स्वावलम्बन, ८९-९०
राष्ट्रीय स्त्री सभा, ६११
रिपन, लार्ड, ३७
रुक्मिणी, ४८६, ५५५
रुद्र, आचार्य, ६२
रुस्तमजी, सेठ, ५५४
रेड्डी, के॰ वी॰, ३४५
रेड्डी, डा॰ एस॰ मुत्थूलक्ष्मी, –द्वारा देवदासी प्रथाकी भर्त्सना, ३८१-८२
रैया, ५८४
रोमन कैथोलिक, ८७
रोहित, ५३९

लक्षण, –अज्ञानीके, १५५, १५८; –कामी और क्रोधीके १५८; -गुणातीतके, १५३; –ज्ञानके, १४८; –तमोगुणकी वृद्धिके, १५२; –तामस त्यागके, १६२; –पण्डितके, ११८; –फलत्यागी के, ९६; –भक्तके, ९५; –भगवान् को प्रिय भक्तके, १४७; –योगीके, १२६-२८, १३७; –योगीको पहचाननेके, १३७; –रजोगुणकी वृद्धिके, १५२; –राजस त्यागके, १६२; –सत्वकी वृद्धिके, १५२; –सर्वश्रेष्ठ योगीके, १२९; –सात्विक त्यागके, १६२; –स्थितप्रज्ञके, १०७-९
लक्ष्मी, ६८
लक्ष्मीदेवी, १९५, २८४-८५, ४५७, ४७२, ४९९, ५०२, ५२५, ५८४