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सांकेतिका
–बूढ़ोंका ५३०; –में अत्यधिक खर्च, ४३२-३३, ५१३-१४, ५३१
विवेकानन्द, स्वामी, १७७, २५९, ५१४-१५
विशाल भारत, ४५६
विश्वास, –और भक्ति, ९५-९६
विष्णु, [भगवान], ३०८
वेंकटप्पैया, कोंडा, १४
वेंकटेशवलू, डी॰, ४६२
वेडरबर्न, सर विलियम, ३७
वेद, ७७, ९५, १७७, ५४२, ५९०
वैद्य, गंगाबहन, २२४, ३४०, ४१३, ४४४, ४५७, ४५९, ४७१, ४८७, ४९६, ५००, ५०२, ५२१, ५२५, ५२९, ५३६, ५८४
वैद्य, सी॰ वी॰, ५४२
वैष्णव, २७१, ५१५
वोरा सेनेटर, ३५१
व्यास, महर्षि, ९४, १४०, १६७
व्रत, –और उसके पालनकी क्षमता, ५९३; –का प्रभाव, ३११-१३
श शंकर, १७७, ६१३
शंकराचार्य, २१८
शबरी, ५९०
शराबबन्दी, २२८, २५३; –के लिए आन्दोलन, ३०५-६
शर्मा, मदनमोहन, २८४-८५
शर्मा, [डा॰] हीरालाल, ४०३, ४२१
शान्तिकुमार मोरारजी, २७४-७५, २९४
शारदा विधेयक, –पर राय, ३९१ पा॰ टि॰
शार्दूलसिंह, ५९४
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शास्त्र, ७०, २६८, ४४९ पा॰ टि॰, ४९४, ५४२, ६०६; –और अस्पृश्यता, २१२-१३, ५९७; –और यज्ञका अर्थ, ४१०
शास्त्री, वी॰ एस॰ श्रीनिवास, १८०, २४०, २५०, ३९७
शाह, उत्तमचन्द, ४४४
शाह, फूलचन्द के॰, २९, ३२, १७१, ३१०, ३७०-७१, ४७२
शाह, हरिवल्लभ सी॰, ३२२, ३२८, ३३६, ३४२ पा॰ टि॰
शाह, हीरालाल अमृतलाल, ३४९, ३९८; ४१२; –द्वारा एक नये चरखेकी योजना, ३८६
शाहू, घनश्याम, २०२
शिक्षक, –और धार्मिक शिक्षा, ८७; –को मांका स्थान लेना चाहिए, ८-९
शिक्षण और साहित्य, २४४
शिक्षा, –की आधुनिक पद्धति, ५७६; –ग्रामोंमें, ३३४-३५; –द्वारा विद्याथियों और शिक्षकोंका सुधार, ८६-८७; –प्राथमिककी रूपरेखा, ७-९; –प्राथमिक, केवल अक्षरोंका ज्ञान नहीं, ५०६; –माता द्वारा, ६-७; –स्वावलम्बी, ७१, २०८-९
शिबली, मौलाना, ५५२; –की यादगार ५५२
शिव, [भगवान], २१८, ३०८
शिवाभाई गोकलभाई, ४०८
शीरींबहन, ५३८
शुक्ल, बालकृष्ण, ४४०
शेक्सपियर, ४३७
शेरीडन, ३७
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