एडिनबरा विश्वविद्यालयकी एम० ए० परीक्षामें अपनी पौत्रीकी सफलतापर मेरी बधाई लीजिए ।
आपका सच्चा,
मो० क० गांधी
यह पत्र इतनी देरसे लिखा गया था कि पिछले हफ्तेकी अन्तिम डाकसे भी नहीं भेजा जा सका।[१]
लन्दन, इंग्लैंड
गाँधीजीके हस्ताक्षरयुक्त टाइपकी हुई मूल अंग्रेजी प्रतिकी फोटो नकल (जी० एन० २२७४) से ।
४००. पत्र : प्रधान चिकित्साधिकारीको[२]
[ जोहानिसबर्ग
जुलाई ३१, १९०६ ]
कर्नल जे० हिस्लॉप
प्रधान चिकित्साधिकारी
नेटाल नागरिक सेना
पीटर मैरित्सबर्ग
भारतीय डोलीवाहक दल इस महीने की १९ तारीखको विघटित कर दिया गया और २० को डर्बन पहुँचा । दलको मापुमुलो कैम्पको कीटाणुनाशक दवाओंसे शुद्ध करने, चोटों और घावोंकी मरहम- पट्टी करने, सेनाके साथ चलने तथा डोली-वानका कार्य करने को कहा गया। ज्यादातर डोलीवाहक टुगेला, ओटीमाटी तथा उमवोटी घाटियोंके सैनिक अभियान में सेनाके साथ रहे। मेरी नम्र रायमें उन्होंने तत्परता और कुशलतासे काम किया। दल बनाने में नेटाल भारतीय कांग्रेसका उद्देश्य यही प्रकट करनेका था कि भारतीय नेटालके अधिवासियोंके रूपमें अपनी जिम्मेदारियोंको समझते हैं।
- ↑ १. यह गांधीजीके स्वाक्षरों में है ।
- ↑ २. गांधीजीके इस तारीख के पत्रकी प्राप्ति स्वीकार करते हुए उत्तर में कर्नल हिस्लॉपने नागरिक सेनाके नायककी ओरसे आहत सहायक दलके सदस्योंको धन्यवाद दिया और "केवल डोलीवाहकोंके रूपमें ही नहीं, बल्कि सफाईके अधिक महत्त्वपूर्ण कार्यके सिलसिले में भी नागरिक सेनाके चिकित्सा विभाग द्वारा की गई बहुमूल्य सेवाओं की,” प्रशंसा की ।