लड़कोंपर लागू नहीं होगा; मतलब यह कि ऐसे लड़कोंपर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता । तीसरी बात यह जोड़ी गई है कि यदि कोई व्यक्ति दूसरेके लड़केको अपना बना कर लायेगा तो उसपर मुकदमा चलाया जा सकेगा और न सिर्फ उसको सजा होगी, बल्कि, उसका परवाना व पंजीयन भी रद्द किया जायेगा, तथा उसे देशसे निकाल दिया जायेगा ।
इंडियन ओपिनियन, १५-९-१९०६
४४३. पत्र : विधान परिषद के अध्यक्षको
[ जोहानिसबर्ग ]
सितम्बर ११, १९०६
माननीय अध्यक्ष,
विधान परिषद
आज शाम जोहानिसबर्ग में ब्रिटिश भारतीयोंकी सार्वजनिक सभा हुई। मैं उसके निर्देशपर माननीय सदनके सहानुभूतिपूर्ण विचारार्थ पहले प्रस्तावकी[१] प्रतिलिपि संलग्न कर रहा हूँ। यह प्रस्ताव सभा द्वारा सर्वसम्मति से पास किया गया था ।
निवेदन है कि यह माननीय सदनको पढ़कर सुना दिया जाये ।
आपका आज्ञाकारी सेवक,
अब्दुल गनी
अध्यक्ष
ब्रिटिश भारतीय सार्वजनिक सभा
प्रिटोरिया आर्काइव्ज़ : एल० जी० फाइल सं० ९३ : एशियाटिक्स
Gandhi Heritage Portal
- ↑ १. देखिए " सार्वजनिक सभा", पृष्ठ ४३०-४ ।