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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 5.pdf/४९७

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४६२. पत्र : लीडर 'को [ जोहानिसबर्ग ] सितम्बर २७, १९०६ [ सम्पादक लीडर' महोदय, ] भारतीय नारी जातिपर लगाये गये लांछनसे सम्बन्धित जो पूछताछ आपके पत्र में प्रका- शित' हुई थी, आशा है आप उसकी श्रृंखलाको पूरा करनेके लिए निम्नलिखित उत्तरको स्थान देंगे जो मुझे डर्बनके प्रमुख प्रवासी प्रतिबन्धक अधिकारीसे प्राप्त हुआ है। . प्रवास सम्बन्धी नियम बनानेमें ट्रान्सवाल सरकारका क्या इरादा था, यहाँ इस बातको कोई नहीं जानता; इसलिए यह संभव है कि इस विभागने उसके बारेमें कभी कुछ कहा हो । [ अंग्रेजीसे ] इंडियन ओपिनियन, ६-१०-१९०६ [ आपका, आदि, मो० क० गांधी ] डॉ० एडवर्ड नंडी जेकब चेम्बर्स कोर्ट रोड जोहानिसबर्ग ] ४६३. पत्र : डॉ० एडवर्ड नंडीको र २१-२४ कोर्ट चेम्बर्स, जोहानिसबर्ग, सितम्बर २७, १९०६ प्रिय डॉ० नंडी, वर्गभेदसे मेरा तात्पर्य यह है कि लोगोंपर एशियाई, रंगदार या भारतीय होनेके नाते ही लागू होनेवाला कोई कानून नहीं होना चाहिए । जैसा कि चेम्बरलेनने निर्धारित किया है, सारे नियमोंको सर्वसामान्य रूपका होना चाहिए । [ अंग्रेजीसे ] आपका सच्चा, (सही) ह० मो० गांधी वास्ते - मो० क० गांधी प्रिटोरिया आर्काइव्ज : एल० जी० फाइल सं० ९३ : एशियाटिक्स १. देखिए " पत्र: 'लीडर 'को, पृष्ठ ४४६ और पृष्ठ ४५६-७ ।" २. यह पत्र डॉ० नंडीको इस जिज्ञासाके उत्तरमें लिखा गया था कि ' वर्ग-भेद' से गांधीजीका क्या तात्पर्य था। देखिए " पत्र : डॉ० एडवर्ड नंडीको", पृष्ठ ४६० । ३. गांधीजीके ज्येष्ठ पुत्र । Gandhi Heritage Portal