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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 5.pdf/५१९

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शिष्टमण्डलकी यात्रा – २ ४८१ दोनों समयका खाना बन्द करके उन्होंने एक बजे खाना शुरू किया। दवा बन्द कर दी । इस उपचारका आज तीसरा दिन है (ता० ११ अक्तूबर)। श्री अली उससे ठीक हैं। एक बजे भूख लगती है और जो बद्धकोष्ठ था तथा अजीर्ण रहता था वह अब नहीं है । वे बीड़ी भी एक बजेके पहले नहीं पीते । आज भी यद्यपि तबीयत बिलकुल ठीक नहीं कही जायेगी, फिर भी संधिवातपर काबू पा लिया है, और घूमने-फिरनेमें कुछ ही तकलीफ होती है । उनकी खुराक सादी है। दोपहर में मछली और आलू, पुडिंग और काफी तथा सोंठका पानी (जिंजर एल) लेते हैं। शामको चार बजे चायका एक प्याला, साढ़े छः बजे मछली, हरी सब्जी, पुडिंग और सोंठका पानी और काफी लेते हैं । इतना खानेके बाद और भी किसी चीजकी इच्छा उन्हें रहती हो, सो नहीं मालूम होता । पाठकोंको यदि यह जानने की जिज्ञासा हुई हो कि मैं क्या खाता हूँ, तो मैंने तीन दिन तक तो तीन वक्त खानेका नियम रखा था। लेकिन उतना खानेकी आवश्यकता न समझ अब एक बजे दूध, रोटी, आलू, उबला हुआ मेवा और मलाई तथा सोडा या सोंठका पानी; चार बजे कोको और शामको साढ़े छः बजे आलू, उबली हुई हरी सब्जी, और उबला हुआ मेवा और सोडा या सोंठका पानी ले लेता हूँ। रोटी और दूसरा मेवा नहीं खाता। इसका कारण यह है कि मेरी हिली हुई दाढ़में दर्द है । इस खुराकसे बिलकुल संतोष रहता है और काम बहुत हो सकता है। इसका मुख्य कारण मैं यह मानता हूँ कि एक बजे तक पेटमें कुछ न जानेसे उपर्युक्त खुराकसे संतोष हो जाता है और वह बस होती है। यह खुराक कुछ तो मेरे नियमके बाहरकी मानी जायेगी, फिर भी चूंकि ठीक ही रहता हूँ, इससे सिद्ध होता है कि जो खाना भूख लगनेपर खाया जाता है, वह तकलीफ नहीं देता । श्री अली जस्टिस अमीर अलीकी पुस्तक 'इस्लामकी स्फूर्ति' (स्पिरिट ऑफ इस्लाम) और वाशिंगटन इरविंगकी पुस्तक 'मुहम्मद और उनके बादके लोग' (मुहम्मद ऐंड हिज सक्सेसर्स) पढ़ रहे हैं। मैं तमिलका अभ्यास करता हूँ और फॉर्ब्स कृत 'रासमाला' अथवा 'गुजरातका इतिहास' और विदेशी प्रवासी रिपोर्ट' (एलियन इमिग्रेशन रिपोर्ट) पढ़ रहा हूँ। अब चूँकि मदीरा नजदीक आ गया है, इसलिए 'ओपिनियन' की डाक शुरू की है। हम दोनों दूसरे यात्रियोंके सम्पर्क में कम आते हैं। सर रिचर्ड सॉलोमनके साथ कभी-कभी कुछ बातचीत होती है। हमारे साथ चीनी राजदूत, उनकी नौ वर्षकी लड़की तथा एशियाई कानूनके सम्बन्धमें चीनी शिष्टमण्डलके प्रतिनिधि श्री जेम्स हैं। चीनी राजदूत अपनी राजकीय पोशाक पहनते हैं । खुद स्वभावसे मिलनसार, विनोदी और होशियार हैं। उनकी लड़कीको अंग्रेजी शिक्षा अच्छी मिली है। इसलिए वह हँसी-मजाक करती कराती है और यात्री उसके साथ खुलकर व्यवहार करते हैं । जहाजमें साधारण स्थिति दूसरे यात्री बड़े आनन्दसे दिन बिताते हैं। आज एक सप्ताहसे खेल चल रहे हैं। उनपर इनामोंके लिए चन्दा किया गया है। हम दोनोंको एक-एक गिन्नीकी चपत लगी है। खेलोंमें छतका क्रिकेट, चकरी फेंकना, चम्मच में अंडा लेकर दौड़ना आदि होते हैं । ये खेल १२ तारीखको पूरे होंगे, और १४ तारीखको इनाम बँटेगा । रातके समय यात्री नाच करते हैं । उस समय हमेशा बैंड बजता है । खेलमें रिचर्ड सॉलोमन भी भाग लेते हैं । हम उसमें भाग नहीं ले सके । इसका मुख्य कारण है, श्री अलीकी तबीयत और मेरा अध्ययन | रविवारको खेल बन्द रहते हैं । सलूनमें 'चर्च' लगता है और वहाँ ईसाई प्रथा के अनुसार खुदाकी इबादत की जाती है। Gandhi Heritage Heritage Portal