५४४ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय -की अदालत में डाला लालाका मुकदमा, ४०९, ४११; -की अदालत में भीखाभाई दयालजीका मुकदमा, ४७४; -की अदालत में मूलजीभाई पटेलका मुकदमा, ४३५; की अदालत में सोराबजीके मुकदमेकी सुनवाई, ३४३, ३४७, ३७०; की समन्दर खाँसे जिरह, ३; द्वारा गांधीजीको अदालतसे बाहर सभा करनेके लिऐ ताना, ३) द्वारा गांधीको भारी सजा देनेसे इनकार, ३७; - द्वारा नवाब खाँके मुकदमेका निर्णय, २ जाली अनुमतिपत्र – एक खोजे द्वारा २० पौंड देकर खरीद, ३२३, ३४३; छापनेके बारेमें श्मूलियन नामक यहूदी- पर मुकदमा, ४०७; के बदले ७५ पौंड, १२० जाली पंजीयन प्रमाणपत्र, का मुकदमा, ३२३, ४०९; -से सम्बन्धित दो भारतीयोंके मामले, ४२७ जिन्ना, ९७, १४२, ३६२, ३७६ जीजीनिया थियेटर, ३१७ जीन, ४०३ जीरस्ट, १५५, ३८८ जीवण, १४७ जीवन प्रभात, २२७ जुबली स्ट्रीट, २६५ जेफर्सन, टी०, (एल०) एच०, ३७७; का इस्माइल आकूजी के मुकदमेमें बयान, ३७६; का गांधीजीको उत्तर, ३८१; -की रामस्वामीके मुकदमेमें जिरह, ३९९; -के नाम गवाहीका समन्स, ४०४९ को हर मुकदमेमें बुलानेका गांधीजी द्वारा विरोध, ४०० जेल, -जानेके लिए सोराबजी आतुर, ४२३३ - जानेसे भारतीय समाजकी जिम्मेवारीमें अभिवृद्धि, ४३९; -का भोजन, १३९-४०, १८३; -फा भोजन भारतीय कैदियोंकी आदतके अनुरूप नहीं, ४२१, ४७८; की सजा श्रीमती नायडूके पतिको, ४४१; की सफाई, १३४- ३५ - के अनुभवपर गांधीजी, १२९-३१, १३९-४१; - के कुछ नियम, १३५-३६, के निरीक्षक तथा हेड वार्डरफी कैदियोंपर ममता, ४०५; के हालचाल ४०४; में कवायद, १५२-५३; में कैदियोंका निरीक्षण, १३६-३७, -में गांधीजी द्वारा कार्लाइल, टॉल्स्टॉय, रस्किन, बेकन और हक्सलेका अध्ययन, १५२ - में जगद्दकी तंगी, १३४, १५१; में ब्रिटिश भारतीय कैदियोंकी संख्या, १३७; -में भारतीयोंका आवास वतनियोंके साथ, १३०, ४२२; में भारतीयों- की खुराक बदलनेके लिए संघका पत्र, ४२१; -में मुलाकात, १५३; -में रहनेकी व्यवस्था, १३४; - में सत्याग्रही बीमार, १५१; में सोनेका प्रबन्ध, १८३; - में सोराबजीकी स्थिति, ४०५; से लौटे हुए लोगोंका सम्मान, ४०३ जेल-निदेशक को ईस मियाँका पत्र, ७९, ३९२; -को ब्रिटिश भारतीय कैदियों द्वारा प्रार्थनापत्र, ३८-३९, १४०, १४७; -से ब्रिटिश भारतीय संघका निवेदन, ४२२; -से भारतीय कैदियोंकी भोजन- तालिका में परिवर्तन करने की प्रार्थना, ४७८-७९ जेलर, १०८ जैनर, १०५ जोज़ेफ, ३८४, ४१५ जोज़ेफ, लुई, २७७ जोशी, ४७६ जोहानिसबर्ग, -का कीर्ति स्तम्भ, २९३३ -का मुकदमा, २६-३७; -की आब्जरवेटरी, २९३ -की जेलमें ६० भारतीय, ४४५; —फी सार्वजनिक सभा में गांधीजीका भाषण, ३९६-९७ - में अनुमतिपत्र और पंजीयनपत्रके पुराने प्रमाणपत्रवाले बहुत से भारतीय, ४७५; -में गांधीजीका भाषण, ३७२; में बहुत-से भारतीयों द्वारा परवानोंका ग्रहण, ४०६ में ब्रिटिश भारतीयोंकी प्रतिष्ठा के योग्य भवन बनानेके लिए चन्दा, ८७ जोहानिसबर्ग कार्यालय, को गांधीजीका तार, २९६ जोहानिसबर्ग नगरपालिका, -द्वारा सरकारसे तीन बातोंकी माँग, १८८ जोहानिसबर्ग फोर्ट, ४५१ झवेरी, हाजी इस्माइल, ७२ झ झूठे पंजीयन प्रमाणपत्र, देखिए जाली पंजीयन प्रमाणपत्र टरकोफाइल, १६८ ट टाइम्स, १३१, २२७ पा०टि०३ -की बड़ी सरकारसे भारतीयोंकी सुनवाई करनेकी माँग, २३ टाइम्स ऑफ इंडिया, १४१ पा० टि०, १४३ पा० टि० टाइम्स ऑफ नेटाल, २३; द्वारा -परवाना-विधेयकों का विरोध, २३० टाउन क्लार्क, २९०, ४००; के नाम जारी किया गया एशियाई अधिकारीका परिपत्र, ३४६-४७; को एशियाई पंजीयकका पत्र, ३७६ टॉल्स्टॉय, १५२ Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 8.pdf/५८४
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