सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 8.pdf/६०१

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

सांकेतिका ११५ को शराब पीनेकी छूट देनेके डच राज्य- कर्तागण पक्षमें, १७७ वरनॉन, अधीक्षक जे० जी०, ३२, ४३, १२०, ३२३, ३३८ पा० टि०, ३४७, ३८३ पा० टि०, ३८९, ४११, ४१६, ४३६, ४७४; का मूलजी भाईके मुकदमेमें बयान, ४१५६ का शापुरजी सोराबजीके मुकदमे में बयान, ३३७, ३७०; की गवाही, ३७, ४०९, ४३५; की प्रतिशोधकी भावना प्रकट, ३४५; -के साथ गांधीजीका प्रिटोरिया गमन, ६६, -के साथ मूलजी पटेलकी झड़प, ४३९; को लाला नामक भारतीय द्वारा प्रलोभन, ११८; द्वारा गिरफ्तारीका सबूत पेश करते हुए बयान, ४३०; -द्वारा तमिल लोगोंको गालियाँ, ४०३; द्वारा भद्दे शब्दका प्रयोग, ३८९; -द्वारा सोराबजीको गिरफ्तारीकी बाबत औपचारिक गवाही, ३४८; -से गांधीजीकी जिरह, ३३७, ४१०, ४३५-३६ वरींदे, अबा, ४०३ वर्जित प्रवासी, ९९, १००, १२०, ३३५, ३५१ वाइली, के० सी०, ३९४ वॉगल, १४३; और श्रीमती वॉगल को गांधीजीका बधाईका पत्र, ५१ लिए धन्यवाद, ५१ वॉगल, श्रीमती, १४३ वाटरफोर्ड, १ पा० टि० वॉन ब्रैंडिस स्क्वेयर, ५८ वानर-सेना, ५ वार्ड, ३४१; -से गांधीजीकी भेंट, २८८ वार्मवास, १७८, ३८८ वार्षिक परवाना, ३५८- वॉल, की मान्यता, २०३ बावदा, १६१ विंचेस्टर भवन, ३२६ विक्रेता परवाना अधिनियम, १४१ विदेशी कार्यालय, के नाम लॉर्ड एलगिनका पत्र, १२२ विनीपेग, २१७ विलायत में कानूनकी चर्चा, २८९; से कुछ पत्र, १२७ विलेज मेन रीफ, ३७४ वेटर्स डॉर्प, ३८८ वेडरबर्न, सर विलियम, १४१ वेनिस, ३१७ ५६१ वेरीनिगिंग, १४५, ३०३, ३०५, ३१८, ३६३, ३८८, ३९७, ४०५, ४३०, ४३८, ४५६; -के भारतीय बधाईके पात्र ४४७; -के भारतीयोंको जुर्माना, ४४७; में मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीयोंके मालको जब्त करनेका आदेश, ४४१; -में लॉर्ड सेल्बोर्नका भाषण, ४१८ वेलेस्टाउन, ९२ वेसेल्स, -फी दृष्टिमें नगरपालिकाका मुकदमा वतनियोंपर अत्याचार, १७० व्यंग्य-चित्र, -क्रिटिक में अँगुलियोंकी छापपर, ७९ - ब्रिटिश भारतीयोंकी जीतका, ७३; -रेंड डेली मेलमे २८, ३५३, ४०८; -संडे टाइम्समें, २७-२८, ७९; -स्पोटिंग स्टारमें, ४२४ व्यापार संघ, में भारतीयोंको दक्षिण आफ्रिकासे बाहर निकालनेका प्रस्ताव, २०९ व्यापार-सम्बन्धी कानूनों का सत्याग्रह सच्चा इलाज, २७८ व्यापारिक परवाने, २७, ३७२; विचार करनेपर अधि- काधिक अन्यायपूर्ण, २३०९ व्यापारिक परवानों, के मिलने में बाधाएँ, २५७; के लिए नेटालमें भारतीयों द्वारा गलत ढंगसे पैसा खर्च, १५० व्यापारिक परवाना कानून, १६३, २२८, ३९४ पा० टि० व्यास, गौरीशंकर, पी०, ३८०, ३८३ व्हिटकर, २७८ पा० टि० श शंकरभाई डाह्याभाई, -द्वारा मैकडुगलको सौ-डेढ़ सौ पौंड मासिक आमदनी करवानेका प्रलोभन, ११९ शरणार्थियों का संरक्षण आवश्यक, २८२; -को एशियाई अधिनियम के अन्तर्गत संरक्षण प्राप्त, २८३ शराब, के व्यापारपर प्रतिबन्ध लगाना नैतिक कल्याणके लिए आवश्यक, २२८ शहाबुद्दीन, २६७ श, ३७४-३७५, ४१६-१७; की सरकारी पक्षकी ओरसे पैरवी, ४३३ शान्ति-रक्षा अध्यादेश, ९-१२, १४-१५, १९, १००, १३२, २८३, २९९, ३०४, ३३२, ३९७, ४१५, ४३५, ४७५; -के अन्तर्गत अनुमतिपत्र प्राप्त न करनेवाले शरणार्थियों का संरक्षण आवश्यक, २८२; के अन्तर्गत ब्रिटिश भारतीयोंको १३,००० परवाने उपलब्ध, ११; -के अन्तर्गत सोराबजीको ७ दिनके अन्दर उपनिवेश छोड़नेका आदेश, ३७०; -के रद होनेसे उसके अन्तर्गत Gandhi Heritage Portal