सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 9.pdf/६८८

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

६५० सम्पूर्ण गांधी वाङमय कानून - अब्रिटिश एशियाई विरोधी कानून, २९१ कानून २, १९०७, देखिए ट्रान्सवाल एशियाई पंजीयन कानून कानून ३, १८८५, २२, १९१-९२, २९८; कानून १८, १८९७, ५६ कानून ३६, १९०८, देखिए ट्रान्सवाल एशियाई पंजीयन संशोधन अधिनियम केप प्रवासी कानून, ११९ केप व्यापारिक कानून, ११९ ट्रान्सवाल व्यापारिक परवाना कानून, और ब्रिटेनके शराब परवाना कानूनमें कोई समता नहीं, ८०; -की अवहेलना करनेवाले व्यापारियों के साथ ट्रान्सवाल सरकारको हर तरह की कड़ाई करनेका अधिकार, १६८ दक्षिण आफ्रिकी कानून, ४१० नेटाल गिरमिटिया प्रवासी कानून, ३३४ नेटाल नगरपालिका कानून, ३४३ नेटाल विक्रेता परवाना कानून, २९६, ३४३-४४, ३४७; के अन्तर्गत एस्टकोर्टके भारतीय व्यापारियोंके मुकदमे, ३४५; के अन्तर्गत परवाना अधिकारीको निरंकुश सत्ता प्राप्त, ३४४; के अन्तर्गत परवाना निकायको मनमानी सता ३४५; के अन्तर्गत भारतीय व्यापारियोंके परवानोंको नया करनेसे इनकार, ३४५-४८ वोअर कानून, के विरुद्ध भारतीयोंकी आपत्तिको साम्राज्य सरकारका समर्थन, २९९ शराव परवाना कानून (ब्रिटेन), और व्यापारिक परवाना कानूनमें कोई समानता नहीं, ८० काफिर कैदी, - का गांधीजीपर अत्याचार, १६२; -काफिर कैदियों, की क्रूर प्रकृति, १८०; -के साथ भारतीय कैदियोंको रखना अनुचित, १६२; -से भी बदतर भारतीय कैदियों के साथ वरताव, २०९ काबाभाई, २०७, ३५१ कॉमन्स सभा, देखिए ब्रिटिश लोकसभा कामा, आदेसीर, गिरफ्तार, १९३ कामा, ए०, २८८ कामा, ए० एन०, २५४ कामा, एन० ए०, २५१, २५३ कामा, नादिरशा, ७, १२, १६, ८७, ११३, २५६, २८८, ४२१, ४६४ - गिरफ्तार, १९३३ -सरकार द्वारा बरखास्त, ५; की कीमती सेवाओंसे भारतीय समाज अनजान नहीं, २८५; -को गांधीजीकी बधाई, ५ कामा, नांदेशीर, २५३ कारपेंटर, एडवर्ड ३९६ कार्टराइट, अल्बर्ट, ५९, ६९, ३३०-३१, ३७७, ४०९; -के हस्तक्षेपसे समझौता, २९२ कार्डिज, ८६, १४०, १९९, पा० टि०, २०७, २१३, ३६२, ३९७, कार्पोरेशन बैंक, ३७१ कार्लाइल, २४०; की फ्रांसीसी क्रान्तिपर लिखी रचना अत्यन्त प्रभावोत्पादक, २४१ काला कानून, देखिए ट्रान्सवाल एशियाई पंजीयन अधिनियम कालीदास, नरोत्तम, की रिहाई, २४७ कासमत, सुलेमान, २४९ कासिम, हाजी, ३, १२, २१५, २४९ किंगडम ऑफ गॉड इज विदिन यू (ईश्वरका साम्राज्य तुम्हारे ही भीतर), २०८ किचनर, लॉर्ड, बनाम लॉर्ड कर्ज़न, ४३१; - द्वारा जनरल बोथाको स्वशासन देनेका वचन, ५२ किचिन, २१३ किपलिंग, की कविताकी दो पंक्तियोंका गांधीजी द्वारा उल्लेख, ४७५ किम्सन, ६१, ६९ कीलावाला, मोहनलाल परमानन्ददास, ४, ९४ कुक, जे० एम० एस०, २६२ कुक, डा०, ३८८-८९, ४०१; के मतमें डा० पेरीकी बात गलत, ४०१ कुनके, १५ कुबेर प्रभु, २४६ कुवाडिया, इब्राहीम सालेजी, १३-१४, ३२ पा० टि०, ४६, १५४, २४९, २५२ पा० टि०, २५३, २५६, २७०, २८८, २८९ कुवाडिया, एम० एस०, २८७ कूपर, नसरवानजी एम०, ४६३, ४७७, ४९३ कृष्ण, ४४५ केनेडी, २६९ केप, और नेटालमें गोरोंकी परीक्षा नहीं, ६७; -और नेटालमें भारतीयोंकी परीक्षा कठिन से कठिनतर, ६७; - का प्रवासियोंसे सम्बन्धित विवरण प्रत्येक भारतीयके पढ़ने और विचार करने योग्य, २४६३ -के प्रतिनिधित्व में अभिवृद्धि, १९३३ -के प्रवासी अधिनियमपर गांधीजीकी जैगरसे बातचीत, २७७ - के प्रवासी कानून और Gandhi Heritage Porta