सांकेतिका ३८०; -द्वारा डैलोकी मार्फत जनरल स्मट्सके पास एक सुधार प्रेषित, ३२०१ - द्वारा थम्बी नायडू और अन्य लोगों के मुकदमे की पैरवी, २५१; द्वारा दूकानदारों- का कई बार बचाव, १७७; - द्वारा नया प्रश्न उठानेके आरोपका खण्डन, ५१; द्वारा नेताओंकी बैठककी अध्यक्षता, ४२ - द्वारा पंजीयककी सूचना प्रकाशित करनेके बारेमें निषेधात्मक उत्तर, २१; -द्वारा पोल्कको बम्बई गज़टमें भारतीय संघर्षपर प्रकाशित सम्पादकीय पढ़ने का सुझाव, ३३६; -द्वारा प्रवासी कानूनके अन्तर्गत कमसेकम छः भारतीय आने देनेका सुझाव, २९५; - द्वारा प्रस्तुत प्रवासी अधिनियमके खण्ड दोके उपखण्ड एकका प्रस्तावित संशोधन, ३३२; -द्वारा प्रिटोरिया जेलमें दिनमें एक बार भोजन, २२२; द्वारा बताये गये उपायके द्वारा संघर्षका अन्त, ७२; -द्वारा बम्बई सरकारकी कार्रवाई के बारेमें संसद सदस्योंको कुछ प्रश्न पूछनेका सुझाव, ३८१; द्वारा ब्रिटिश भारतीय संघके मन्त्रीके रूपमें भारतीयों का प्रतिनिधित्व, १०५ -द्वारा भारतीयोंका मामला रैंड डेली मेलके सामने संक्षेपमें प्रस्तुत, १४४ - द्वारा भारतीयोंको जेलसे रिहा होनेवाले लोगोंका उचित स्वागत करनेकी सलाह, २२१; -द्वारा भारतीय महिलाओं से इंडियन ओपिनियन के सम्पादक- के नाम भारतीय नारियोंकी निष्ठाकी सराहना करनेवाले पत्र लिखनेकी माँग, ४२९; -द्वारा मणिलाल गांधीको पत्रकी नकल पोलक, कैलेनबैंक व स्वामीजीको भेजनेका आदेश, २०९; -द्वारा मायरको सभाका आयोजन करनेके लिए धन्यवाद; -द्वारा मोजे व दस्ताने भेजने के लिए स्वामी शंकरानन्दको धन्यवाद, २०६३ -द्वारा रॉ देरी के मुकदमे में पैरवी, ३२-३३३ -द्वारा राष्ट्रीय आन्दोलनके कुछ पहलुओंका गम्भीरतम चिंतासे अवलोकन, ३२८, -द्वारा रैंड डेली मेलके सम्पादकीय की आलोचना, १५९; -द्वारा लन्दनमें सब विचारोंके भारतीयों से मिलनेकी कोशिश, ५१३; -द्वारा लॉर्ड क्रू के ट्रान्सवाल सरकार- के साथ समझौते के प्रयत्नोंकी सराहना, ५३१; -द्वारा लॉर्ड क्रू के प्रति कृतज्ञता प्रकाशन, ४५५, -द्वारा लॉर्ड मॉल से भेंटके समय की माँग, ४०५; -द्वारा वकील ब्लेककी मार्फत पुलिसको नोटिस, ३; द्वारा वार्डरकी भोरसे मिली शारीरिक तकलीफें मंजूर, २४०; -द्वारा संघर्ष के सिद्धान्तोंकी व्याख्या, १२७-२८ - द्वारा संतरीकी दारोगा से शिकायत, १४३; - द्वारा सत्याग्रहके अर्थपर विचार, २२५- २६; - द्वारा सभा करनेपर नेटाल कांग्रेसको बधाई, २०१; ६५९ - द्वारा सर फ्रांसिस हॉपवुडको लिखे पत्रका मसविदा लॉर्ड ऍम्टहिलको प्रेषित, ४५९-६०; द्वारा साउथ आफ्रिकन द्वारा की गई गलत क्यानियाँ दुरुस्त, ३२६ - द्वारा स्टेशन मास्टरसे पैसे लेनेसे इनकार, १५०; द्वारा स्वदेशीकी व्याख्या, १२१; -द्वारा हलफनामा दाखिल, ५२४; -द्वारा हाजी हबीबकी सहायतासे कस्ससुल अम्बियाका अध्ययन, २७८ - पर अधिकारियों के माँगनेपर अँगूठों और अंगुलियोंकी छाप न देनेका आरोप, १०५; पर एक काफिर कैदीका अत्याचार, १६२; - पर कुछ भारतीयों द्वारा तीव्र आक्षेप, ३२०१ -पर नये कानूनके अन्तर्गत मुकदमा १०५ -पर नाथूरामजी द्वारा लिखित उपनिषदकी भूमिकाका गहरा प्रभाव, २०५१ - पर पठानों द्वारा पैगम्बरोंका अपमान करनेका आरोप, १५३; -पर हाजी हवीव द्वारा समझौता करते समय उतावली धरनेका आरोप, २४९; -से कुछ श्रोताओं द्वारा दक्षिण आफ्रिका की स्थिति के बारेमें उद्धत प्रश्न, ४७८ -से केप टाइम्सके प्रतिनिधिकी भेंट, २६६-६७; -से जॉर्डनकी जिरह, ११५-१६; -से जेलमें जेल निदेशककी मुलाकात, २३९; -से जेलमें लिखिटेन्स्टाइनकी मुलाकात, २२२, २३८ -से जेलरका जुर्माना देनेके बारेमें प्रश्न, १८०३ -से तफ्सीलकी बातोंपर हुई गरमा-गरम बहसका निष्कर्ष, ४७८-७९; - से हाइडेलबर्ग में सोमाभाई पटेलकी मुलाकात, १६४ गांधी, रामदास (रामा), १५२, १९९, २०७, २०८, २०९ गांधी, हरिलाल, ८८, १२४, १५१, १७५, १९८, २०२, २०८, २१३, २१५, २१८, ३५०, ३९७, ४६४; -जेपी स्टेशनपर गाड़ीमें, ५२; -जेलमें, ५१९; -फोक्सर स्ट जेल से रिहा, ६८; तथा मूलजी भाई पटेलका मुकदमा खारिज, ६५; -को निर्वासनका दण्ड, ५२ गांधी, (श्रीमती) संतोक, ३७३, ३९३ गॉडफ्रे, ७, १५, २१२, २४९-५०, २६०; -द्वारा चोक लिंगम्की पैरवी, ६४; -द्वारा जोहानिसबर्ग में तीन भारतीयोंके मुकदमेकी पैरवी, ६५ गॉडफ्रे, जेम्स, -की अनुमतिपत्रके लिए अर्जी, २६४ गॉडफ्रे डॉ० विलियम, ४८४ गायत्री, २०६ गार्डन, ४३९ गार्डिनर, ५०७ गार्दी, जूसब इब्राहीम, २६० गार्नेट, डॉ०, ४३० Gandhi Heritage Porta
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 9.pdf/६९७
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