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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 9.pdf/७०२

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६६४ जारी रखनेका पक्का इरादा, ४२२; - में शिक्षित भारतीयोंके आनेका अबाध अधिकार स्थापित करना गांधीजीकी इच्छा, १३०; -में सत्याग्रहकी लम्बी लड़ाईसे भारतीयों को बहुत-कुछ देखने-सीखनेके लिए उपलब्ध, २२५; - में सुरक्षित स्थान केवल जेल, २२०, में सैंकड़ों भारतीयों द्वारा साम्राज्यीय आदर्श-प्राप्तिके लिए कष्ट सहन, ४०५; -से बाहरके पढ़े-लिखे लोगोंको ट्रान्सवाल आकर जेल जाना जरूरी, १९७१ - से बाहरके भारतीयोंका कर्तव्य, १९१; -से बाहर के भारतीयों के लिए ट्रान्सवालके भारतीयोंको ज्यादासे- ज्यादा प्रोत्साहन और सहायता देना उचित, १८७ ट्रान्सवाल गवर्नमेंट गज़ट, १७, २०, १५६ ट्रान्सवाल भारतीय शिष्टमण्डल ( लन्दन ), -भेजनेका भारतीयों सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय भुगतना प्रारम्भ, ५२२; -के भारतीयों द्वारा राष्ट्रीय अपमानको दूर करनेके लिए कष्ट-सहन, ४५४; -के भारतीयों द्वारा लड़ाई जारी रखने तक दक्षिण आफ्रिका एशियाई कानून बनना असम्भव, १८९; - के भूतपूर्व उपनिवेश सचिवका एक दक्षिण आफ्रिकी पत्रमें लेख, ५२०; के मताधिकार प्रतिबन्धपर गांधीजी, २६७; - के लोग अज्ञानके कारण ही नेटाल्के अर्ध- शिक्षित युवकों के आक्रमणके खयालसे भयभीत, ७७ -के व्या- पारियों द्वारा पत्र लेखकोंके मत में फेरीवालोंसे दगा, १३३; के व्यापारियोंपर दक्षिण आफ्रिका के भारतीयोंकी दृष्टि, १३४; - के संघर्ष में सहायता देनेके लिए दक्षिण आफ्रिकाका प्रत्येक भारतीय बद्ध, १३५; -के संघर्ष से पोलक अपनी आजीविका उपार्जन के अवसरसे वंचित, ४३५; - के संघर्ष से भारतीयों की प्रतिष्ठामें अभिवृद्धि, ११९; -को गांधीजीकी राय में विशुद्ध जाति और रंगके आधारपर पृथक्करणकी नई नीति स्थापित करने की अनुमति देना अनु- चित, ७७ में अनाक्रामक प्रतिरोधके विरुद्ध फिर से सरगर्म कार्रवाईयाँ, ५०४; - में एशियाई आन्दोलनके कारण कदाचित् ५,००० से अधिक भारतीय नहीं, २१०; -में एशियाइयों के विरुद्ध सख्त पूर्वग्रह, ४४३; -में कैदियों का कोई कानूनी वर्गीकरण नहीं, ३५८; -में गांधीजीके मतमें राजनैतिक अपराध जैसी कोई चीज़ नहीं, २९६; - में गुलाम की तरह रहनेके अनिच्छुक प्रत्येक भारतीयका अपना सिर हथेलीपर रखकर लड़ाईमें शामिल होना आवश्यक, १८६; -में चलनेवाले संघर्षके लिए अनाक्रमक प्रतिरोधका तरीका अपनाना गांधीजीकी दृष्टिमें प्रत्येक विचारसे उचित, १०३ - में प्रवेश करनेके लिए सच्चे अनुमतिपत्रवाले लोगोंकी ही आवश्यकता, ३; -में भारतीय अन्ततक लड़नेको तैयार; १२१; में भारतीय कानूनी निर्योग्यताओंसे त्रस्त, ४४३; में भारतीयों और चीनियोंके विरुद्ध किये गये जिहादका व्यक्तिगत रूपसे गांधीजी द्वारा स्वागत, ३८०; -में भारतीयोंका १८८३ में सर्वप्रथम आगमन, ५१५; - में भारतीयोंकी आबादी, ४४३; -में भारतीयोंकी स्थितिपर गांधीजी, ७६-७७; में भारतीयोंके दर्जेका फैसला, ५१६ में भारतीयों के प्रति व्यवहारसे भारतपर गहरा प्रभाव, ८०; में भारतीयोंके संघर्षका उद्देश्य, ५२०; -में भारतीय नेताओंके जेल में जानेके सम्बन्ध में भारतीयोंकी भावनाओंपर गांधीजी, ७९; - में भारतीय समाज और चीनी समाजका प्रतिरोध द्वारा इरादा करना एक महत्त्वपूर्ण कदम, २५७; -का केवल खानगी तौरसे काम करना काफी नहीं, ४७१; - का लक्ष्य ब्रिटिश सरकारसे काम कराना, ३८५; -का लॉर्ड क्र को उत्तर, ५२७ को सर मंचरजीसे सलाह-मशविरा २८१; का सारा कार्य पर्दे के पीछे, ३८५१ - की आखिरी चिट्टी, ५२६-३०३ -की इंग्लैंड में लॉर्ड एलगिनसे मुलाकात, २९२; -की ओर सत्याग्रहियों- को तनिक भी नजर रखनेकी आवश्कता नहीं, २६०; -की गतिविधि बहुत हद तक लॉर्ड ऍम्टहिल और उनकी समितिपर निर्भर, २७९; -की जनरल स्मट्ससे मुलाकात, २९०; की पार्क स्टेशनपर विदाई, २६९; -की भारत कार्यालय में सर विलियम ली-वार्नर से मुलाकात, २८१; -की लॉर्ड ऍम्टहिलसे मुलाकात, २८६, ३५६; -की लॉर्ड क्रू से मुलाकात, ३४९, ४०७, ४१६; -की लॉर्ड क्रू से हुई भेंटका सार, ४०८-११३ -की लॉर्ड मार्लेसे भेंट, ३३९९ के आनेकी रिच द्वारा उपनिवेश मन्त्रीको सूचना, ३०२; -के कार्यको सर कर्जन वाइलीकी हत्या से धक्का, ३०१; -के जानेके समय जेलें भारतीयोंसे भरपूर, सत्याग्रह बन्ध नहीं, २५८; -के प्रतिनिधियोंकी सार्व- जनिक सभामें अन्तिम नामजदगी, २८७; -के राहत पानेके प्रयत्न असफल होनेपर हाजी हबीब द्वारा कष्ट भोगनेवाले अन्द लोगोंके साथ मिलनेका आश्वासन, २८९ - के लन्दन आनेका कारण दो शिकायतें, ३१९; -के सदस्योंकी गिरफ्तारी करना जनरल स्मट्सकी बड़ी, भूल, २६३; के सदस्योंको गिरफ्तार करनेमें उद्देश्य, २५६ - के समर्थनमें दक्षिण आफ्रिकाके हर स्थानपर २६२; के जानेसे Gandhi Heritage Porta