६७४ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय प्रहलाद, १९८, २३६ पा० टि० प्रिंसिपल्स ऑफ़ साइकॉलोजी, ५०२ पा० टि० प्रिंसिपल्स ऑफ़ सोशियॉलॉजी, ५०२ पा० टि० प्रिटोरिया, के भारतीयों द्वारा देशके लिए जेल जाकर कष्ट- सहन, ६९; -के भारतीयोंपर १८९९ के नगर विनियमके खण्ड ३९ के अधीन मुकदमा, ४९९; -के भारतीय धोबी, २४८; -के सेठोंका जेल जानेवालोंकी मदद करना कर्तव्य, २६३; -में गांधीजी जेलकी एक कोठर में बन्द, २२२ प्रिटोरिया न्यूज़, २१६ पा० टि०, ३६० पा० टि०; -के प्रतिनिधिको गांधीजी से भेंट, २१७ प्रिटोरिया समिति, १९३ प्रेस एजेंसी के प्रतिनिधिकी गांधीजीसे भेंट, २८० प्रेसीडेंसी एसोसिएशन, ३२३, ३८३ फराउन, ५ फरेन, बुल्फ्तोंग, ७ फ फिटजपेटिक, सर पसीं, २५६ फिरोज, मुल्लाबापू, गिरफ्तार, १९३ फिलिप्स, ८३, ३१९ फीनिक्स, की पाठशाला, १२२; -की पाठशालापर गांधीजी, १३७-४१; के इन्तजाममें गांधीजीके मतमें कुछ गड़बड़ी, ४१२; के जीवनसे मेल बिठानेमें मिलीको कठिनाई, ५३९; -के रहन-सहनसे वहाँ के निवासियोंमें सर्वोत्तम गुणोंका विकास, ४१२; - में कोई अवांछनीय प्रतिबन्ध नहीं, ३८२; - में रहनेवाले लोगों के कर्तव्यपर गांधीजी, ८६ फीनिक्स योजना, का ध्येय टॉल्स्टॉय और रस्किनकी मूलभूत शिक्षाको कार्यान्वित करना, ३७३ फेरर, ४९७; -पर कानूनके मुताबिक मुकदमा चलाना असम्भव, ४९७; -पर फौजी अदालत में मुकदमा, ४९७ फेरार, सर जार्ज, २५६. ३१४, ३२१, ३३४, ४०९,४२४ फेरीवाले, बनाम दूकानदार, १३२-३४; व्यापारियोंसे दबने के कारण सभाओं में खुलकर बोलनेमें असमर्थ, १३३३ को बिना परवाना व्यापार करनेपर छः सप्ताहकी सख्त कैद की सजा, ३१; फेरीवालों, -का दूकानदारोंसे ईर्ष्या करना अत्यन्त अनुचित, १३३; - का संघर्ष, ६३; की मार्फत जीत जल्द होनेकी सम्भावना, ६३; - के प्रति उदार बनना व्यापारियोंका कर्तव्य, १३३; -को गांधीजीकी बिना परवाने फेरी लगानेकी सलाह, ३, ६३; पर बाहर निकल कर क्रूगर्सटॉपमें फेरो न लगानेका आरोप, ६६; -से मारपीट कर प्रमाणपत्र छीन लेनेका क्रूगर्सडॉपैके भारतीय व्यापारियोंपर आरोप, १३ फेल, माइरन जे०, ५०८ फेल्प, ४९४ फेन्सी, एम० पी०, १३-१४, ३२ पा० टि०, ४६, २४९ फोक्सरस्ट जेल, - भारतीय कैदियोंसे पूर्ण, ९४; - के जेलरको १०० से भी ज्यादा भारतीयोंके लिए व्यवस्था करनेका हुक्म, १२३; के बन्दियोंका आवासी मजिस्ट्रेटको प्रार्थनापत्र, ९७-९८ -से गांधीजीके साथ, ७५ कैदी, ११२; - में गांधीजीसे झाडू लगानेका काम, २२८; - में बहुतसे भारतीय मुलाकाती, १६५; -में भारतीयों- के कामपर गांधीजी, ४९-५०; - में मुहम्मद इब्राहीम और खरसानीकी दाउद मुहम्मद से मुलाकात, १३५; - में रमजान के महीने में मुसलमान प्रतिरोधियोंको सुविधाएँ, ४१९; -से गांधीजीको अलग करनेके कारण, २२८९ - से हरिलाल रिहा, ६८ फ्रांसिस, नायना, २४९ फ्रांसिस, राजा, २६२ फ्रांसीसी क्रान्ति, -पर लिखी कार्लाइलकी रचना अत्यन्त प्रभावोत्पादक, २४१; -से जनताको गांधीजीकी दृष्टिमें विशेष लाभ नहीं, २४१ फ्रीय (श्रीमती), -द्वारा गांधीजीको अपने घर आनेका निमन्त्रण, ३७८ फ्री हिन्दुस्तान, ४४४ पा० टि० फ्रैंडिक, २७२ ब बंगाल व्यापार संघ, ३१४ पा० टि०, ३२२ बगस, वली मुहम्मद, ४, १३, ३९, ४६; - का बयान, ४०; -का मामला अदालत में पेश, ४०; के ऊपर दो समन, ४७; के ऊपर दो मुकदमे, ४७ बटलर, जनरल, २९० बदात, हुसेन मुहम्मद, ३३७, ३४३, ३४९, ४०१, ४२९ ४३०, ४६५; का परवाना अधिकारी द्वारा दिया गया परवाना परवाना निकाय, द्वारा मंसूख, ३४६ बनर्जी, पी०, ५२९ बनर्जी, सुरेन्द्रनाथ, २८१, ४९६ Gandhi Heritage Porta
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 9.pdf/७१२
दिखावट