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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 9.pdf/७१८

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६८० भगत, अखा, ४५८ भ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय भगवद्गीता, १५०, १८२, २४१, ४३९, पा० टि० भट्ट, केशवराम, २४१ भरत, ४९९ भाईजी, ४३ -को एक महीनेकी कैदकी सजा, ८८, -को गांधीजीकी कैद जानेपर बधाई, ८८ भागवत्, १७४ भाण्डारकर, प्रो० रामकृष्ण गोपाल, ३०६, ४२८ पा० टि० भाभा, मुहम्मद अहमद, १३३; हाउटपुट जेलसे रिहा, २४८ मायात, आमद, १२, २४८, ३३७, ३४९, ४०१, ४६५, ४७२, ५२८, -की रिहाईके बाद हाइडेलबर्गके भारतीय जेल जानेको तैयार, २४८; के जेलमें होनेपर भी उनकी दूकानसे कैदियों को मदद, २४६३ को नेटाल सरकारका उत्तर, ४४६; -द्वारा सत्याग्रह में सहायता देनेका वचन, ४७३ भारत, भेजे जानेवाले शिष्टमण्डलके सदस्य, २५४; -की T भारती, बाबा प्रेमानन्द, ४४५ पा० टि० भारतीय युवक संघ, २६३ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, २६६ पा० टि०, ३२७ पा० टि०, ३३५, ४६१ पा० टि०, ४७७, ५०८, ५१०-१२, ५४५ की ओरसे लन्दन समितिकी मदद, ६८; - के मंचपर ट्रान्सवाल्के प्रश्नको रखनेका गांधीजीका सुझाव, ५३८ भारतीय समाज संघ (इंडियन सोशल यूनियन), ४९६, ५०८ भावजी, १८० भावनगरी, सर मंचरजी मेरबानजी, ३०९, ३११, ३४०, ३७२, ३९५, ४२१, ४५०, ४५२, ४६३-६४, ४७२-७३, ४९६, ५०९, ५४५ पा० टि०; का भारतमें चन्दा करके ट्रान्सवालको सहायता देने पर जोर, ३७२, -की दृष्टिमें दक्षिण अफ्रिकाका प्रश्न बहुत गम्भीर, ४५१; -की रायमें गिरमिटिया मजदूरोंकी भर्ती बन्द करनेके लिए गैर सरकारी तौर पर भी कोशिशें करना आवश्यक ४६५; -की शिष्टमण्डलोंकी सफलता के लिए शुभ कामना, ४५१; को आंगलियाका धन्यवाद, ४२१; -को चन्देकी बातमें बहुत दिलचस्पी, ३६७; को ट्रान्सवाल- संघर्षको बढ़ावा देनेवाला एक बढ़िया तार जंजीबारसे उपलब्ध, ३३७ - को मुलाकात- के बारेमें जनरल स्मट्सका जवाब, ३६९; को संघर्षका महत्व पूर्णरूप से ज्ञात, ४६३ -से नेटाली शिष्टमण्डलकी भेंट, ३८८; -से शिष्टमण्डलका सलाह- मशविरा २८१ भीखाभाई, और झीणाभाईको छः इफ्तेकी कड़ी कैदकी सजा, १०५; पर निषिद्ध प्रवासी होनेका आरोप, आधुनिक सभ्यतासे कोई भलाई नहीं, ४७५; की जनता और ब्रिटेनके सम्बन्धोंको तोड़ना अनिष्टकारी, १०३ -की जागृतिपर एक गोरेके विचार, ५०२- ४; -की भाषाओंपर गांधीजी, ४९२३ -के गरम दलसे मिलकर काम करनेका भारतीयोंपर आरोप, ३२७ - के राष्ट्र पितामह, १०३ - के लिए ट्रान्सवालके कानून अपमानजनक, २७९; -के हिसाकारी दलके लिए ट्रान्सवालका अनाक्रामक प्रतिरोध मार्ग दिखाने- वाला, ३२९; -को ग्राम-प्रथाके आंशिक उन्मूलनसे हानि, ५१४; को ट्रान्सवालमें चलनेवाले संघर्ष से मतलब, १०३, १८४; -पर ट्रान्सवालमें भारतीयोंके प्रति व्यवहारसे गहरा प्रभाव, ८०; में एक स्थायी भेदवार, ३११ समिति बनानेकी पूर्ण आवश्यकता, ४३९; में गोरे अधिकारियोंको असीम सत्ता, १३७; में पारसी समाज सच्चे अर्थों में राज्य संचालक, १९३३ - में पोलकका कार्य जोरोंपर, ३७२;-में पोलककी आवाजकी गूँज, ४७१; -में प्रजातीय अपमानसे अतीव रोष, ४१०; -में भारतीयोंके कष्टोंका इलाज भीतरी प्रयत्नोंसे सम्भव, ३२८; - में सर्वत्र लोकमतकी जोरदार अभि- व्यक्ति, ३२१ - में सार्वजनिक आन्दोलनोंपर अनाक्रामक प्रतिरोधके प्रभावोंपर गवेषणा, ४२९ भारतके राष्ट्र पितामह, देखिए नौरोजी दादाभाई १०५ मंगा, इस्माइल, ८७ मंगा, एस०, ५२९ मकन, मोरार, ९४ स मजीद, डॉ० सैयद अब्दुल, २८१, ३०८, ४५०, ४९६ मणिकम्, २०६, २१३ मताधिकार का आन्दोलन, ३२३, ४९७; -का आन्दोलन करनेवाली महिलाओंके चार अखवार, ५३१; के लिए आन्दोलन करनेवाली महिलाओं पर गांधीजी, ३२३-२४, Gandhi Heritage Porta