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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 9.pdf/७२६

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६८८ -की माँगें मंजूर करनेके लिए उपनिवेश-जचिवको अर्जी देनेका प्रस्ताव, २५०; -की मेजर डिक्सनके अनुसार जमानत नहीं २६२; की संख्या थोड़ी होने के कारण गांधीजीको चिन्ता नहीं, २३४; -के उदाहरण क्रान्तिके इतिहासों में, -२४१ - के कष्टपर गांधीजी, २३६; -के जेलोंमें रहनेपर भी समाजका सम्मान उनके हाथों में सुरक्षित, १९२ को एक-एक कर पकड़ना शुरू, १९२१ - को गांधीजीके मतमें, शिष्टमण्डलकी ओर तनिक भी नजर रखनेकी आवश्यकता नहीं, २६०१ को जेल जानेकी ताकमें रहनेकी आवश्यकता, २६०; -में से ज्यादातरकी अवस्था जेलमें गांधीजीके ही समान २२४ सन्तोक, देखिए गांधी (श्रीमती) सन्तोक समझौता, कोंकणियों और कानमियों के बीच, ४२; -जनरल सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय नहीं, ९९; -के उपायका अवलम्बन सच्चाईसे करना, आवश्यक, १८४; -के कष्टों की कहानी सभी में सहानुभूति उत्पन्न करनेवाली, २७८; -के प्रयोगसे नेटालके भारतीयोंको गांधीजीकी गिरमिटिया प्रथा बन्द करने- की सलाह, ८४; के बलको पहुँचानेवाला दूसरा बल संसार में नहीं, ३१६; -के संघर्षमें शराबकी कुटेब- वाले लोगों द्वारा भाग लेना मुश्किल, १०१; -के सम्बन्धमें पुस्तकोंके अध्ययनसे गांधीजीका मत अधिक दृद, १८२ - के सिद्धान्तके अनुसार शिष्टमण्डलका समर्थन कर सकना कठिन, २५७; के स्तम्भ विवन, २३५; -को रोकनेके लिए जनरल स्मट्स द्वारा दी गई रियायत अपर्याप्त, ५३६; - को हमेशा ईश्वरी सहायता उपलब्ध, २४०; -पर गांधीजी, ८५, ३८६, ४६६३ -पर न्याय होनेतक ब्रिटिश भारतीय संघकी कार्य- समिति कायम, १७४; - में कभी जेलमें तबियत खराब होनेका कारण, २३३; में फसर के कारण सेठ अभीतक जेलमें, ९२; में जूझ जानेवालेका हिम्मत भरा पत्र ८८; में सहायता देनेका आमद भायात द्वारा वचन, ४७३; -से भारतीय समाजको मिलनेवाले लाभ, २४५; से विजय पाना गांधीजीके मतमें ज्यादा ठीक रास्ता, ९९; से सबक, १२२ सत्याग्रह कोष, में डॉ० मेहता द्वारा चन्दा, ४५० सत्याग्रही, -बननेकी आवश्यकता साम्राज्य सरकारसे सहायता प्राप्त करनेके लिए ९; -वननेमें नामर्द असमर्थ, २३६; -सदैव विजयी, ८५; का पैसा परमेश्वर नहीं, २२६; -की अपनी कमजोरी असफलताका कारण, २२५; -की जीतका परिणाम उसके लिए तथा दूसरोंके लिए भी कल्याणकर, २२६; के गुण, २२७, २३६; -के लिए कुटुम्बका मोह छोड़ना आवश्यक २२६; के लिए जेलको महल मानना आवश्यक, २३३; के लिए सत्यका सेवन करना आवश्यक, २२५; के साथका फिर कैदियोंसे भी बदतर बरताव, २०९; -को गांधीजीकी बधाई, ८९; -को सन्देह होना अनुचित, ३६९; - में शरीर बलपर निर्भर व्यक्तिके मुकाबले हिम्मत अधिक होना आवश्यक, २२६३ -सत्याग्रहियों, और दूसरे भारतीयोंको गांधीजोका संदेश, ९८-९९ - का उत्साह जनरल स्मटस तोड़ देनेके इच्छुक, ४७१; -का विश्वास केवल सत्यपर, २५९; -का शिष्टमण्डल, २५७३ -की एक भारतीय सेवक द्वारा सहायता, ५१०१ -की कसौटी ट्रान्सवालमें केवल जेल जानेमें, २३६; स्मट्ससे हो जानेकी सम्भावना, ४०३; -लॉर्ड क्र द्वारा पूरी शक्ति लगानेपर सम्भव, ४८१; - होनेकी गांधीजीकी रायमें कम आशा, ३५१; - होने के दो दिन बाद जनरल स्मट्सका सार्वजनिक सभामें भाषण, २९३; -होने तक कानूनका लाभ लेना मुनासिव नहीं, ६६; -समझौते, -का अपना भाग ब्रिटिश भारतीयों द्वारा पूरा किये जानेपर जनरल स्मट्स द्वारा एशियाई कानून रद कर देनेका मौखिक रूपसे वचन प्रदान, १२८; की आशाके कुछ कारण, ३७५; की गांधीजीके मत में कम सम्भावना, ३७८; -की बातचीत चालू, ३५०, ३५६, ३६३; की बात टाइम्समें छपे तारके अनुसार बिल्कुल गलत, ४८२; -की बात होस्केन द्वारा प्रारम्भ, ६९; की लिखित शत, ३००; -की स्पष्ट और लिखित शर्तें जनरल स्मट्स द्वारा भंग, २९३; के अन्तर्गत अँगुलियों या अँगूठोंके निशान देनेका उद्देश्य सरकारकी सहायता, १८५ - के अन्तर्गत एशियाइयों द्वारा अपने कर्त्तव्यका भलीभाँति पालन, १९५ - के बारेमें अभी कोई निश्चय नहीं, ४१८; - के लिए जनरल स्मट्स उत्सुक, ४०८; के विषय में रुस्तमजीकी रायमें उतावली करनेकी आवश्यकता नहीं, ८७; -पर गांधीजी, १२८ सम्मेलन, सारे दक्षिण आफ्रिकाका एक राज्य बनानेके उद्देश्यते, १८५: -का निर्णय होनेपर भारतीय प्रक्षके समाधान होनेकी सम्भावना, १८९९ में परिणाम- स्वरूप दूसरी सार्वजनिक सभा, २९४; - के फलस्वरूप एक नया विधेयक पेश, २९४; के फलस्वरूप सम्पूर्ण Gandhi Heritage Porta