६९० सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय सहायता देनेका वचन, २७७; -से जहाजमें गांधीजी की भेंट, २७७ सावरकर, का रामायणकी महानतापर जोशीला भाषण, ४९९ साहे, बी०, ५२९ सिंथेटिक फिलासफी, ५०२ पा० टि० सिंह, डी०, ५२९ सिंह, प्रो० तेजमाल, १३६; -का भारतीयों के समक्ष भाषण, १३७ सिंह, लालबहादुर, २२८ सिमंडस, ५०८, ५३९-४० सिविलिजेशन : इट्स कॉज ऐंड क्योर, ३९६ सीता, ४९९ सिलिया, ३२२, ४१३ सीली, कर्नल, ३६१, ३७१-७२, ३७५; और गांधीजी की जनरल स्मट्ससे कई बार भेंट, ४०८; - और लॉर्ड मार्लेसे नेटाली शिष्टमण्डलकी भेंट, ३८८९ - के भाषणपर गांधीजी, ११६; के मत में गोरों और कालोंके मिलापसे दोनोंका नुकसान, ११६; - के मत में भारतीय गोरों की गुलामी करने- के ही योग्य, ११६; -के विचार ब्रिटिश नीतिमें परिवर्तन- के सूचक ११७; -के विचारसे ब्रिटिश राजनीतिके कलंकित होने की सम्भावना, ११७; के विचारोंको व्यवहारमें लाना ब्रिटिश साम्राज्यके अवनतिके लक्षण, ११७; -के विचारोंके समर्थक ब्रिटिश साम्राज्यके शत्रु, ११७; द्वारा सही दलील पेश, २९; -से नेटाली शिष्टमण्डल द्वारा लिखित उत्तर देनेकी प्रार्थना, ४०० सुकरात, २४३ सुधन्वा १९८ सुब्रह्मण्यम्, १७६ सुमार. ईसा हाजी, २८७, ४२९ - विलायत भ्रमण कर वापस, ६४ सुलेमान, ए० एम०, १२ सेंच्युरी डिक्शनरी, ३८२ सेंट जेम्स भवन, ३२३ सेठ, कमरुद्दीन, १७६ सेल्बोर्न. लॉर्ड, ३७, १७० पा० टि०, ३२१; -की कोठीपर भारतीय कैदियोंसे काम, ३५९ को डेविड पोलक द्वारा जेलमें गांधीजीके साथ किये क्रूर व्यवहारके बारेमें पत्र, २३९ सैमुएल, -द्वारा ट्रान्सवाल सरकारकी ओर से पैरवी, ११५; -से जॉर्डनका भारतीयोंकी गिरफ्तारी के बारेमें प्रश्न, ११५ सोढा रतनशी मूलनी, ९४, १०४, १२४, १८४; –का उपवास, ९५ स्टार, २०, ३२ पा० टि०, ५१ पा० टि०, ६५ पा० टि०, २६३ पा० टि० -और लीडर द्वारा वरनॉनकी कड़ी आलोचना, ३९६-९८, ३९९, ४०३; की रायमें उच्च शिक्षा प्राप्त भारतीयोंके लिए ट्रान्सवालका द्वार खुला रखने में कोई एतराज नहीं, ५४; को गांधीजीका भारतीयों की मांग न्यायपूर्ण होनेके बारेमें विश्वास दिलानेका प्रयत्न, ५४; -द्वारा गांधीजीको जानबूझ कर गलत रूपमें पेश करनेके आरोपका जोरसे खण्डन ५४; द्वारा भारतीय दृष्टिकोण लगातार गलत रूप में प्रस्तुत, ५०; द्वारा हमेशा सार्वजनिक प्रश्नाके लिए अपने स्तम्भों में स्थान देनेकी उदारता प्रदर्शित, २५५; - में कुछ पठानोंके दस्तखतोंसे एक चिट्टी प्रकाशित, १५२-५३ स्टेट, में वैट्रिक डंकनका एशियाई प्रश्नके सम्बन्धमें एक लेख, १८८ स्ट्रेड, डब्ल्यू० टी०, ३०५, ३११ स्थायी अधिवास अनुमतिपत्र, ४१६, २५ स्थायी अधिवास प्रमाणपत्र, ४०८ स्पेंसर, हर्बर्ट, ५०२, ५०४ स्पेन सरकार, की बहुतसे स्थानोंमें सभाओं द्वारा निन्दा, ४९७ स्प्रिंग्ज़, ५७-५८ स्मट्स, जनरल, ३८-३९, ४८, ५० पा० टि०, ६०, ८८, १११, १४५, १४९, १५६, १७४ पा० टि०, २२३, २४९, २५६, २९०, २९४, २९७, ३००, ३०५, ३०७, ३११,३१४, ३२०-२१, ३३० पा०टि०, ३३१, ३३४, ३४१, ३६१, ३६३, ३६७, ३६९, ३८७-८८, ३९० पा० टि०, ४०४, ४१७, ४३१, ४३४-३५, ४६०, ४६७, ४७७, ४८६, ५२२; -अधिनियमको वापस लेकर शिक्षित भारतीयोंको सीमित संख्या में निवास के स्थायी प्रमाणपत्र देनेके इच्छुक, ३८४; -अनाक्रामक प्रतिरोधको कुचलने के बारेमें आशान्वित, ४८१; -उपनिवेश मन्त्रीके उत्तरकी प्रतिक्षामें, ४८१- ८२; - एशियाई अधिनियमको रद करने के लिए बचनवद्ध, ७७, ५२३; -एशियाई कानूनको रद कर देने की बात कहकर एक कदम आगे, ५३६; -और जनरल बोथाका उपनिवेशोंका संघ राज्य बनानेके सिलसिले में शीघ्र ही लन्दन प्रस्थान, २५२; -कानून रद Gandhi Heritage Porta
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 9.pdf/७२८
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