सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 91.pdf/१०८

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ जाँच लिया गया है।

सम्पूर्ण गांधी वाङ्‌मय

उसकी पूर्ति करने की स्थिति में होना चाहिए। मैं तुम्हें पहले ही सुझाव दे चुका हूँ कि तुम्हें 'इस्लाम गज़ट' ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए, जिससे कि हम समाचारों को दोहरा कर न छापें। मैं तुम्हें फिर याद दिलाता हूँ, क्योंकि मैं उस पत्र को भी सुसम्पादित पत्रों [की श्रेणी] में रखता हूँ, हालांकि संक्षिप्तीकरण और सामग्री के चयन के मामले में वह 'जैन' की तुलना में नहीं ठहरता।

मुझे खुशी है कि दोनों शिशु[] और उनकी माताएँ धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।[]

मेरा पत्र श्री वेस्ट को पढ़कर सुना देना जिसमें मैंने उमर सेठ को निमन्त्रण भेजने की बात लिखी है। हमें चाहिए कि हम उन्हें भी वैसे ही विदाई दें जैसी कि हमने रुस्तमजी सेठ को दी थी।[]

मो॰ क॰ गांधी

मूल अंग्रेजी (एस॰ एन॰ ४७३८) से

 

५६. पत्र : छगनलाल गांधी को

[११ मई, १९०७ से पूर्व][]

चि॰ छगनलाल,

तुम्हारा पत्र मिला। तुमने मुझे बेलेन्स शीट के जो आँकड़े भेजे थे उसके बारे में मैंने कुछ नहीं कहा, क्योंकि तुम्हारे मिलने के मुताबिक पक्के आँकड़े अभी भेजने थे। तुम्हारे कच्चे आँकड़ों के अनुसार २० पौण्ड का लाभ दिखाई देता है। यदि ऐसा ही हो तो अभी तुम्हारा विलायत जाना मुल्तवी रखना होगा, यह पक्की बात है। इसके अतिरिक्त अब [जब] कल्याणदास जा रहा है, तुम्हारा जाना असम्भव जान पड़ता है। अब आगामी मार्च [में जाने] की उम्मीद रखो। इस बीच क्या होता है, देखेंगे। तुम्हें सर्दी की परवाह नहीं इसलिए नवम्बर में कुछ आशा रखी जा सकती है। यहाँ बहुत उथल-पुथल चल रही है। मुझे जेल जाना पड़ेगा, ऐसी सम्भावना दिखाई देती है। इस महीने आफिस का काम थोड़ा ही हुआ है। अधिकांश समय सार्वजनिक काम में व्यतीत होता है। मुझे 'ट्रिब्यून' की एक सम्पूर्ण प्रति भेजना।

मुख्य विज्ञापन किन-किन लोगों के प्रकाशित हो गये हैं, मुझे बताना। मैं बहुत करके ५ तारीख को रवाना होऊँगा। आज लेखन सामग्री भेज रहा हूँ।

मोहनदास के आशीर्वाद

  1. आनन्दलाल गांधी और छगनलाल गांधी के पुत्र
  2. प्रस्तुत अनुच्छेद गुजराती से अनूदित है।
  3. उमर हाजी आमद झवेरी को दी गई बिदाई के विवरण के लिए देखिए "उमर हाजी आमद झवेरी को विदाई", ११-५-१९०७
  4. स्पष्टतः यह पत्र कल्याणदास के दक्षिण आफ्रिका से रवाना होने के पूर्व अर्थात् ११ मई, १९०७ से पूर्व लिखा गया था, देखिए "कल्याणदास जगमोहनदास मेहता", ११-५-१९०७।

६८