२३८. पत्र : मथुरादास त्रिकमजी को
[१ अप्रैल, १९२०][१]
वैसे तो पंजाब रिपोर्ट[२] का अनुवाद 'गुजराती' से प्रकाशित हो रहा है फिर भी अगर उसका अनुवाद हम स्वयं करें तो ज्यादा अच्छा होगा।[३]
वामनराव मुकद्दम को रिपोर्ट और गवाहियों की ६ प्रतियां भेज देना। वह उसके पैसे भेज देगा। उसे बिल भेज देना। यहां तो मुझे बहुत शान्ति मिल रही है। इसलिए सारा समय पत्र लिखने में बिताता हूं। तुम अपना बाजा रेवाशंकर भाई से ले आये होगे।
बापू के आशीर्वाद
तुमने ९३, बाजार गेट स्ट्रीट का पता क्यों दिया है?
मूल गुजराती से : प्यारेलाल पेपर्स। नेहरू–स्मारक संग्रहालय तथा पुस्तकालय; सौजन्य : बेलादेवी नैयर तथा डॉ॰ सुशीला नैयर
२३९. पत्र : श्रीप्रकाश को
साबरमती
१८ अप्रैल, १९२०
पिताजी[४] के कहने पर आपने जो कागजात भेजे हैं उनके लिए धन्यवाद। मुझे हिन्दी–उर्दू का संयोजन पसन्द है। आशा है कि आपको वहां अच्छी प्रतिक्रिया दिखाई दी होगी।
हृदय से आपका
मो॰ क॰ गांधी
सेवाश्रम
बनारस छावनी
मूल अंग्रेजी से : श्रीप्रकाश पेपर्स। सौजन्य : नेहरू–स्मारक संग्रहालय तथा पुस्तकालय