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२४५. पत्र : मथुरादास त्रिकमजी को
[२२ मई, १९२०][१]
चि॰ मथुरादास,
इसके साथ का तार भाई शौकत अली को पहुंचा देना।[२] नाम जैसे ध्यान में आये हैं वैसे लिख दिये हैं। इसमें और बढ़ाने हों तो बढ़ा लेना। जो सूची बने उसे देख लेना और मुझे भी भेज देना। भले ही निमन्त्रण अधिक हो जायें, लेकिन कम नहीं होने चाहिए। सभी राष्ट्रवादियों को तो भेजने ही चाहिए। जब दिन और तारीख तय हो जाये तो तार करने को कह देना।
| सी॰ पी॰ रामास्वामी नटेशन | वल्लभभाई पटेल | |
| श्रीमती बेसेन्ट | शंकरलाल बैंकर | |
| सोमेन्द्रनाथ बनर्जी | अनसूयाबहिन साराभाई | |
| सत्येन्द्र बोस | सरलादेवी चौधरानी | |
| रामेन्द्र चटर्जी | इमाम साहब अब्दुल कादिर बावजीर | |
| श्रीनिवास शास्त्री | कृष्णलाल देसाई | |
| प्रो॰ परांजपे | सर स्टेनली रीड[३] |
नोट
जमनादास क्या चाहता है। क्या तुम बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस कर रहे हो? एक व्यक्ति का मेरे साथ रहना आवश्यक है। यदि वह आज ही आ जाये तो बेहतर होगा। जरूरत पड़ने पर हम द्वितीय श्रेणी का टिकट खरीद सकते हैं।
मूल गुजराती से : प्यारेलाल पेपर्स। नेहरू–स्मारक संग्रहालय तथा पुस्तकालय; सौजन्य : बेलादेवी नैयर और डॉ॰ सुशीला नैयर
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