तारामती को दूध ही नहीं आ रहा है, यह तो मुझे मालूम ही नहीं था। अगर उसे काम करने की आदत पड़ जायेगी तो दूध जरूर आयेगा। वर्षों का अनुभव रखने वाले लाला धनपतराय ने यह मत जाहिर किया है कि सूख गई गायों को बोझ खींचने का काम देने से वे अधिक प्रजनन करती हैं और दूध भी अधिक देती हैं। तारामती जितना काम कर सकती है उतना तो उसे करना ही चाहिए। मैं जानता हूं कि सबसे अच्छा काम अनाज पीसने का । चरखा भी सहायक ही होगा। चलना-फिरना तो है ही। लेकिन इतना ही काफी नहीं है।
बापू के आशीर्वाद
अगर देवदास चार-पांच दिन के लिए निकल सकता है तो उसे लानोली जाने देना।[१] प्रभुदास को यहां बुलाना है और वह अकेला आ नहीं सकता।
मूल गुजराती से : प्यारेलाल पेपर्स। नेहरू–स्मारक संग्रहालय तथा पुस्तकालय: सौजन्य : बेलादेवी नैयर और डॉ॰ सुशीला नैयर
४९०. पत्र : मथुरादास त्रिकमजी को
आश्रम, साबरमती
शुक्रवार [२ अप्रैल, १९२६][२]
तुम्हारा तार मिला। इसका मतलब यह तो नहीं है न कि तुम्हारा स्वास्थ्य कुछ बिगड़ गया है?
बापू के आशीर्वाद
मूल गुजराती से : प्यारेलाल पेपर्स। नेहरू–स्मारक संग्रहालय तथा पुस्तकालय; सौजन्य : बेलादेवी नैयर और डॉ॰ सुशीला नैयर