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पत्र : सी॰ विजयराघवाचारियर को
को चलकर मंगलवार को सुबह महाबलेश्वर पहुंचुंगा। बाद की बात महाबलेश्वर में।
बापू के आशीर्वाद
मूल गुजराती से : प्यारेलाल पेपर्स। नेहरू स्मारक संग्रहालय तथा पुस्तकालय; सौजन्य : बेलादेवी नैयर और डॉ॰ सुशीला नैयर
५०७. पत्र : सी. विजयराघवाचारियर को
साबरमती
२४ मई, १९२६
प्रिय मित्र,
मुझे आपका दूसरा पत्र मिला। धन्यवाद। देवदास काफी ठीक है। उसे अपने पिता का अभिजात्य रोग अपैण्डिसाइटिस हो गया था। आशा है कि उसे कुछ ही दिन में छुट्टी मिल जायेगी।
कृपया हिन्दू–मुस्लिम समस्या के हल पर अपने सुझाव दें। मैं मानता हूं कि फिलहाल मैं निराश हो गया हूं। हकीमजी[२] यहां कभी नहीं आये।
हृदय से आपका
मो॰ क॰ गांधी
[पुनश्च:]
महाबलेश्वर में कोई खास बात नहीं है। निःसन्देह चरखा तो है ही।
मूल अंग्रेजी से : सी॰ विजयराघवाचारियर पेपर्स। सौजन्य : नेहरू स्मारक संग्रहालय तथा पुस्तकालय
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