५१९. पत्र : पॉल सैण्डग्रेन को
आश्रम, साबरमती
९ जुलाई, १९२६
आपका पत्र मिला, उसके लिए धन्यवाद। आपने जिस प्रकाशनगृह का उल्लेख किया है, उसे मैं 'आत्मकथा' के प्रकाशन का अधिकार देने को तैयार हूं जिसका कि प्रकाशन अभी 'यंग इण्डिया' में किया जा रहा है। इसके प्रथम भाग का संशोधित संस्करण शीघ्र ही भारत में प्रकाशित किया जायेगा। क्या प्रकाशक प्रथम भाग का अनुवाद प्रकाशित करना चाहेंगे और यदि हां, तो क्या वे स्वीडिश संस्करण के लिए जो शर्तें पेश करना चाहते हैं, उन्हें बतायेंगे?
हृदय से आपका
चर्च ऑफ स्वीडन मिशन
कुंग्शटेन्सगेटन ५
स्टॉकहोम
अंग्रेजी की नकल (एस॰ एन॰ ३२२५७) से
५२०. पत्र : डॉ॰ जॉन हेन्स होम्स को
आश्रम, साबरमती
९ जुलाई, १९२६
मैकमिलन कम्पनी की शर्तों की प्रति के साथ आपका पत्र मिला। मुझे उनका प्रस्ताव अधूरा लगा। कृपया क्या आप निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर सकेंगे?
१. क्या प्रकाशक केवल अंग्रेजी संस्करण प्रकाशित करने का अधिकार चाहते और केवल अमरीका में?
२. फिलहाल भारत में इसका प्रथम भाग पुस्तक रूप में प्रकाशित किया जा रहा है। मेरा अनुमान है कि मैकमिलन कम्पनी आत्मकथा का प्रकाशन इसके पूरा हो जाने पर ही करेगी अथवा क्या वह इसका प्रकाशन भागों में करना चाहती है?
३. क्या वे अनुवाद के प्रकाशनाधिकार पर नियन्त्रण नहीं चाहते?
४. वे मूल्य-निर्धारण किस तरह से करेंगे?
५. विक्रय-निर्धारण का क्या तरीका है?